दुमका टावर चौक से बासुकीनाथ तक तकरीबन 22 किमी लंबी सड़क निर्माण से टेंडर में संकट के बादल छंट गए हैं। नेशनल हाइवे ने इस पथ के निर्माण के लिए कार्यकारी एजेंसी बारिश बिल्डिकान प्राइवेट प्राइवेट लिमिटेड को संस्तुति पत्र जारी कर दिया है। कार्यकारी एजेंसी को यह आदेश दिया गया कि नियमानुसार बैंक गारंटी जमा कराएं और दिसंबर के पहले सप्ताह तक कार्य प्रारंभ करने की प्रक्रिया शुरू करें। हालांकि, विभागीय सूत्र बताते हैं कि लेटर आफ इंटेंट जारी होने के बाद अभी तक कार्यकारी एजेंसी ने बैंक गारंटी की राशि जमा नहीं किया है। जबकि कायदे से अब तक बैंक गारंटी की राशि जमा हो जानी चाहिए थी।

विभागीय जानकारी के मुताबिक लेटर आफ इंटेंट जारी होने के बाद न्यूनतम एक माह के अंदर एजेंसी को इकरारनामा भी कर लेना चाहिए। विभाग को उम्मीद है कि दिसंबर के पहले सप्ताह में तमाम प्रक्रियाएं पूरी कर इकरारनामा भी हो जाएगा। बताते चलें कि इस पथ के निर्माण के लिए विभाग ने तकरीबन 114 करोड़ रुपये का टेंडर आमंत्रित किया था जिसे बारिश बिल्डिकान ने 28 फीसद नीचे जाकर टेंडर लिया है।

------------- आवागमन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है दुमका-बासुकीनाथ पथ

नेशनल हाइवे-14 ए की दुमका-बासुकीनाथ पथ आवागमन की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण है। इसी कारण दुमका से बासुकीनाथ तक 22 किमी. लंबी सड़क का नए सिरे से निर्माण होना है। इस पर तकरीबन 114 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रविधान किया गया है। सड़क की चौड़ाई भी 10 मीटर यानि टू-लेन होगी। टेंडर निर्माण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी तकरीबन दो साल की मियाद नए पथ के निर्माण कार्य में लगेगा। पथ निर्माण के साथ मयूराक्षी नदी पर एक हाई लेवल 14 मीटर का पुल निर्माण भी होना है। दुमका-देवघर एचएच 114 ए पथ पर दुमका से बासुकीनाथ तक अनगिनत गड्ढे हैं। इसमें कई तो जानलेवा हैं। दुमका से देवघर आने-जाने वाले अधिकांश लोग जान हथेली पर लेकर यात्रा करते हैं। वहीं सुविधा-संपन्न लोग देवघर जाने के लिए दुमका-भागलपुर पथ से वाया सरैयाहाट होकर देवघर आना-जाना कर रहे हैं। बहरहाल, इस मामले में विभागीय अधिकारियों का कहना है कि निश्चततौर पर दुमका-देवघर मुख्य पथ की हालत बदतर है। दुमका से बासुकीनाथ तक सड़क ज्यादा खतरनाक है। उम्मीद है कि शीघ्र ही पथ पर निर्माण का कार्य प्रारंभ हो जाएगा।

Edited By: Jagran