खेत से 'खजाना' निकलने का लालच देकर लाखों की ठगी, बासुकीनाथ के पंडित और व्यापारी निशाने पर
बासुकीनाथ में साइबर ठगों ने 'खेत में खजाना' मिलने और लॉटरी का लालच देकर पुरोहितों और व्यापारियों को लाखों का ...और पढ़ें

लालच देकर लाखों की ठगी (प्रताकात्मक तस्वीर)
HighLights
साइबर ठगों ने बासुकीनाथ में नया पैंतरा अपनाया।
पुरोहितों और व्यापारियों को सोने-लॉटरी का लालच दिया।
पुलिस ने अनजान लोगों से सतर्क रहने की अपील की।
संवाद सहयोगी, बासुकीनाथ (दुमका)। देवघर, दुमका, जामताड़ा क्षेत्र में आए दिन लोगों को ऋण माफी, केसीसी ऋण दिलाने, बैंक खाता अपडेट करने, लाटरी लगने, बिजली बिल माफी समेत अन्य लुभावने वायदे करके साइबर ठगों के द्वारा ठगी का शिकार बनाने की बात सामने आती रही है। अब साइबर और जालसाजी करने वालों ने नया पैंतरा अपना लिया है।
तीर्थ स्थल के दुकानदार और पुरोहितों को निशाना बनाकर ठगी का एक नया और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यह ठगी का तरीका लालच में फंसाओ और डर दिखाकर लूटो वाला है, जो आमतौर पर भोले-भाले किसानों के साथ होता था लेकिन अब तीर्थ पुरोहितों को भी इसका शिकार बनाया जा रहा है।
केस स्टडी - एक
असम के बोचाईगांव के एक ग्रामीण ने खुद को श्रद्धालु बताते हुए बासुकीनाथ धाम के सहयोगी पुरोहित को फोन कर खेत की खोदाई में सोने के सिक्के और बड़ा सोने का टुकड़ा मिलने का झांसा देकर अपने गांव बुलाया। उस व्यक्ति ने कहा कि वह सोने की सामग्री को खुले बाजार में नहीं बेच सकता है वरना वह मुसीबत में फंस जाएगा। उसे अपने पुरोहित पर भरोसा है। इसलिए वह चाहता है कि अपने पुरोहित को ही लाभ पहुंचा दे।
सहयोगी पुरोहित के वहां पहुंचने पर पीले रंग की धातु का एक बड़ा टुकड़ा दिखाया उसमें से खुरचकर कुछ सामग्री सहयोगी पुरोहित को देकर कहा कि इस धातु की जांच कराकर 10 दिनों बाद संपर्क करें। सहयोगी पुरोहित ने वापस आकर जरमुंडी के एक स्वर्णकार से धातु की चेक कराया। जांच कराने पर वह सोने की निकली और करीब छह हजार रुपया मूल्य बताया।
पुरोहित का उस पीली धातु पर विश्वास जम गया। इसके बाद उस व्यक्ति ने पुनः 15 दिनों बाद आधा किलो सोना मात्र दो लाख रुपए में देने की बात कहकर बुलाया। धातु लेकर जब बासुकीनाथ पहुंचा और चेक कराया तो वह पीतल का बड़ा टुकड़ा निकला। उसने लाखों की ठगी कर ली। अब आरोपी का नंबर भी स्विच आफ आ रहा है।
केस स्टडी - दो
बासुकीनाथ धाम में आवासीय होटल संचालित करने वाले एक व्यक्ति को पश्चिम बंगाल के बोलपुर से एक व्यक्ति ने फोन किया। उसने अपना नाम राजू विश्वकर्मा बताया। उसने कहा मैं आपका ग्राहक बोल रहा हूं। दो साल पहले बासुकीनाथ में आपके यहां ही ठहरा था। दस दिन पूर्व मेरे खेत में ट्रैक्टर से जोताई के दौरान एक मटका निकला है, जिसमें पुराने सोने के सिक्के है।
गांव में किसी को दिखाया तो पुलिस का लफड़ा अथवा स्थानीय उचक्के पीछे लग जाएंगे। आप तीर्थ के आदमी हैं, आप आकर इसका सही मूल्य लगवा दीजिए, आपका हिस्सा भी रहेगा। सोना पुराना और पुराने परिचित ग्राहक होने की बात सुनकर बोलपुर चले गए। वहां आरोपी ने उन्हें एक सुनसान जगह पर ले जाकर पीतल के सिक्कों पर सोने की पालिश चढ़ा कर दिखाया।
साथ ही कहा कि पुलिस को पता चला तो सब जब्त हो जाएगा। इसी डर से उसने दुकानदार से कहा कि आप मात्र तीन लाख रुपये दे दीजिए, सोना आप ले जाइए। बाजार में बेच दीजिएगा। दुकानदार ने अपने पास मात्र 50 हजार रुपए होने की बात कही, जिस पर राजू विश्वकर्मा ने कहा कि अभी आप सोना ले जाइए बाद में और पैसे पहुंचा दीजिएगा। घर आकर सोनार को दिखाया तो वह पीतल निकला। तब तक आरोपी का फोन बंद हो चुका था।
केस स्टडी - तीन
कुछ दिनों पूर्व बासुकीनाथ मंदिर में फूल बेलपत्र का व्यापार करने वाले फूलधरिया चुन्नीलाल को भी लाटरी इनाम में मिलने का झांसा देकर बाइक मिलने की बात कही। उसे महज पांच हजार रुपए रजिस्ट्रेशन शुल्क देकर बाइक मिलने की बात कही। बाद में कहा कि उसे चार पहिया दिया जाएगा और 20 हजार फिर से ठग लिए।
इसके बाद पुनः सफारी गाड़ी देने का प्रलोभन देकर और 50 हजार रुपए मांगने का प्रयास किया। लेकिन तब तक दुकानदार सचेत हो चुका था उसे अपने ठगे जाने का एहसास हो चुका था। बाद में आरोपी का भी फोन बंद आने लगा।
इस तरह की ठगी में असली सोना कभी नहीं होता। गिरोह पीतल या तांबे के सिक्कों पर सोने की पॉलिश कर देता है। ग्रामीणों को फंसाने के लिए पहले थोड़ा असली सोना दिखाता है। पुलिस ने अपील की है कि अनजान व्यक्ति के सोना मिलने के फोन पर लालच में न आएं। ऐसे मामलों में तुरंत स्थानीय थाना को सूचित करें। किसी भी हाल में एडवांस पैसा न भेजें और अकेले अनजान जगह पर न जाएं। - नवल किशोर सिंह, जरमुंडी पुलिस अनुमंडल पदाधिकारी
