जागरण संवाददाता, दुमका : दुमका में गुरुवार शाम शुरू हुई बारिश शुक्रवार की देर रात तक नहीं थमी। मौसम विज्ञानी की मानें तो यह सिलसिला शनिवार को भी जारी रहेगा। ऐसी अनवरत वर्षा की उम्मीद जिलावासियों को नहीं थी। सावन जवान हुआ तो जमीन पानी पानी हो गई। लगातार मूसलधार वर्षा के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। शहर लेकर गांव तक की धरती जलमग्न हो गई। नदियां उफनने लगीं। सड़कों पर दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। दर्जनों घरों में पानी घुसने की सूचना है। कई घर भी क्षतिग्रस्त हो गए। महुआडंगाल में तार पर पेड़ गिर जाने से करीब 10 घंटे तक बिजली बाधित रही। यातायात भी बाधित रहा।

शुक्रवार की शाम तक 53.2 मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड की गई है। यह जुलाई में सर्वाधिक है। अभी तक जुलाई माह में सबसे अधिक 20 को 35.6 मिलीमीटर रिकार्ड की गई थी। गुरूवार की देर शाम बारिश शुरू हुई। शुक्रवार की अलसुबह से रफ्तार पकड़ ली। लगातार आठ बजे तक बारिश होती रही। इसके बाद 10 मिनट के लिए बंद होती और फिर चालू हो जाती। मौसम विभाग की मानें तो शुक्रवार की दोपहर तक 53.2 मिलीमीटर वर्षा हुई है, जो इस माह की सर्वाधिक है।

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10 घंटे तक ठप रही बिजली आपूर्ति

महुआडंगाल में बिजली बाधित हो गई। कर्मी लाइन ठीक कराने के लिए लगातार कोशिश करते रहे, लेकिन बारिश काम में बाधक बनी। इसी क्रम में पोखरा चौक के समीप पोल से गिर जाने के कारण मिस्त्री दशरथ जख्मी हो गया। उसका मेडिकल कालेज अस्पताल में इलाज कराया गया। दोपहर दो बजे के बाद आपूर्ति चालू हो सकी।

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रामगढ़ में डेढ़ सौ वर्ष पुराना वृक्ष गिरा

रामगढ़ (दुमका) : रामगढ़ प्रखंड के प्रसिद्ध भालसुमर दुर्गा मंदिर परिसर में स्थित डेढ़ सौ वर्ष पुराना विशाल पीपल का पेड़ गिर गया। हालांकि पेड़ गिरने से दो मवेशी की मौत हो गई। पेड़ के पास ही विष्णु मांझी की स्टेशनरी दुकान थी। आवाज सुनकर वह दुकान से बाहर भागा। भाल सुमर गांव के दो तीन व्यक्ति का घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। सामाजिक कार्यकर्ता जीतलाल राय ने क्षतिपूर्ति का जायजा लिया एवं पीड़ित परिवार को हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने सूखे पेड़ हटवाने के लिए तत्कालीन अंचलाधिकारी को आवेदन भी दिया था।

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जामा में उफनाई नदियां

चिकनियां : लगातार बारिश से छोटी बड़ी सभी नदियां उफान पर है। किसानों के चेहरे पर खुशी देखी जा रही है। बारिश होने से लोगों के दैनिक कार्य पर भी असर पड़ा है। ग्रामीण क्षेत्रों में मिट्टी के मकान होने के कारण दीवारों के गिरने के डर से लोग सशंकित हैं।

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बारिश की वजह से बाजार में सन्नाटा

बासुकीनाथ( दुमका): बारिश के कारण किसानों को कृषि कार्य से लेकर दैनिक मजदूरों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। जरमुंडी में मूसलधार बारिश की वजह से शुक्रवार को तालझारी, सहारा, रायकिनारी, हरिपुर, नोनीहाट, बेलदाहा सहित अन्य बाजार में पूरी तरह से सन्नाटा पसरा रहा। मुख्यालय में लगने वाले साप्ताहिक हाट में शुक्रवार को वीरान रही। लता वाली फसलों को काफी नुकसान पहुंचा।

Edited By: Jagran