रानीश्वर : एक ओर बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करने का प्रयास कर रही है, वहीं चंद अधिकारियों की उदासीनता की वजह से गांव के विद्यालय का काफी दूर स्कूल में विलय कर दिए जाने के कारण करीब 50 बच्चों ने पढ़ाई छोड़ दी। पढ़ने की बजाय अब बच्चे दिन भर खेलते रहते हैं।

पहले रांगालिया पंचायत के पाथरचाल गांव के बच्चे गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में पढ़ते थे। अब विभाग ने इस स्कूल का विलय तीन किलोमीटर दूर के पलासपारा प्राथमिक विद्यालय के साथ कर दिया। विलय के बाद शिक्षक अधीर बाउरी को वहां समायोजित कर दिया गया। जिस कारण पथरचाल गांव के करीब 50 बच्चे नामांकन के बाद भी दूरी के कारण पढ़ने नहीं जाते हैं। गांव के जपे मुर्मू, जितेन टुडू व ग्राम प्रधान जवा हेंब्रम ने बताया कि शिक्षा विभाग के स्थानीय अधिकारी की मनमानी की वजह से स्कूल को काफी दूर दूसरे विद्यालय में विलय कर दिया गया। दूर व दुर्गम पथ होने के कारण बच्चे स्कूल जाने से वंचित हैं। ग्रामीणों ने प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी अरुण कुमार शर्मा को निकटतम जयपहारी उत्क्रमित मध्य विद्यालय के साथ विलय कराने का आग्रह किया था, पर बीईईओ ने एक अव्यावहारिक निर्णय लेकर बच्चे को शिक्षा से वंचित कर दिया। प्रकाश मुर्मू, धनेश्वर टुडू, गोविद सोरेन, रवीना मुर्मू, लुखी मुर्मू, रवींद्र मुर्मू, देवीशल मुर्मू, सतीलाल मुर्मू, राकेश मुर्मू, राजेश हांसदा के साथ पचास छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पर ग्रहण लग गया है। बीईईओ का कहना है कि गांव के सभी बच्चे पलासपारा विद्यालय में नामांकित हैं।

Posted By: Jagran

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