विपरीत समय में सैकड़ों लोगों की जान बचाने वाली 108 एंबुलेंस की सेवा रामगढ़ प्रखंड में एक सप्ताह से ठप है। इसके कारण मरीजों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। रामगढ़ प्रखंड में दूसरा कोई भी एंबुलेंस नहीं रहने के कारण मरीज इमरजेंसी में निजी वाहनों से मरीज इलाज के लिए बाहर जाने को विवश हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एंबुलेंस नहीं रहने के कारण रविवार की देर रात ग्रामीण काफी आक्रोशित हो गए थे। हालांकि, किसी प्रकार निजी वाहन से मरीज को बाहर भेजा गया। जानकारी के अनुसार 108 एंबुलेंस की सुविधा के लिए मरीज के परिजनों को 108 नंबर पर फोन करना पड़ता है। इसके बाद रांची से एंबुलेंस चालक को फोन कर मरीज को ले जाने का निर्देश दिया जाता है। बीते एक सप्ताह से 108 नंबर पर फोन करने के बाद वहां पर कोई भी फोन रिसीव नहीं कर रहा है, जिसके कारण 108 एंबुलेंस के चालक को कोई दिशा-निर्देश नहीं मिल रहा है। 108 एंबुलेंस सड़क दुर्घटना में घायल हुए सैकड़ों लोगों की जान बचा चुका है।

हालांकि, रामगढ़ में लगभग छह माह पूर्व जामा विधायक सीता सोरेन द्वारा एक एंबुलेंस भी मुहैया कराया गया है, लेकिन उसका संचालन अभी तक प्रारंभ नहीं हो पाया है। विधायक द्वारा प्रदान की गई एंबुलेंस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ही खड़ा है। वहीं इस मामले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डा. सिसली प्रभा हेंब्रम ने कहा कि 108 एंबुलेंस के काल सेंटर में काम करने वाले कर्मी को सरकार के स्तर से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। इसलिए उन लोगों ने काम करना बंद कर दिया है। उनके द्वारा जिला के वरीय अधिकारी को सूचित कर दिया गया है।

जल्द ही, वहां पर पुन: व्यवस्था बहाल हो जाएगी। वहीं, विधायक सीता सोरेन द्वारा प्रदान की गई एंबुलेंस का संचालन में सहमति नहीं बनने के कारण उनके द्वारा इसकी सूचना सिविल सर्जन को दे दी गई है। विधायक प्रतिनिधि नंदकिशोर साह ने बताया था कि स्थानीय स्तर पर कमेटी गठन कर विधायक द्वारा प्रदान की गई एंबुलेंस का संचालन किया जाएगा।

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