जागरण संवाददाता, दुमका : अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद का वार्षिक अधिवेशन सोमवार को आत्मा परिसर हुआ।

इसमें बतौर मुख्य अतिथि सीताराम भगत ने कहा कि परिषद पूरे भारत में कार्यरत है एवं इसमें सभी भारतीय आदिवासियों की भागीदारी समान रूप से है। परिषद आदिवासियों के विकास के लिए कृतसंकल्पित है और इस दिशा में कार्य भी किया जा रहा है।

विशिष्ट अतिथि सेवानिवृत्त डीआइजी सिदो हेम्ब्रम ने कहा कि आदिवासियों के विकास में सबसे बड़ी बाधक अशिक्षा है। इस समुदाय को शिक्षित किये बगैर विकास की परिकल्पना ही कोरी है। उन्होंने समाज के लोगों से शिक्षा को हथियार बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि विकास के साथ-साथ अपनी संस्कृति एवं पहचान को संरक्षित करना होगा।

सिदो कान्हू मुर्मू विवि की पूर्व प्रतिकुलपति डॉ. प्रमोदिनी हांसदा ने महिला सशक्तीकरण पर अपने मंतव्य को रखते हुए महिला से हर क्षेत्र में आगे आने की अपील की। अधिवेशन को रांची से आये भीम मुंडा, इंजीनियरिंग कॉलेज रांची के चैयरमैन निलय ने शिक्षा, खेल एवं कृषि के विकास में आदिवासियों को अपनी शत-प्रतिशत भागीदारी देने की अपील की। मुखिया संघ के अध्यक्ष सागेन मुर्मू, जिला अध्यक्ष संजय सेवास्टियन मरांडी, डॉ. आनंद मोहन सोरेन, सोनोत हांसद एवं चंद्रमोहन हांसदा ने अधिवेशन को संबोधित किया। परिषद के जिला सचिव बाबूधन किस्कू ने पिछले वर्ष की कार्य योजना को विस्तार से बताया। जिला कोषाध्यक्ष विशु टुडू ने प्रखंडवार परिषद की कमेटी गठित करने एवं चुनाव के संबंध में जानकारी दी। इस अवसर पर जोन जंतु सोरेन, बरियार बेसरा, रवि हांसदा, सुलेमान हांसदा, चंपा बास्की, सुमित्रा सोरेन, सुनीता सोरेन, मिरीला मरांडी समेत काफी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।

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