दुमका : रांची में लाठीचार्ज के विरोध में जिले के 1004 स्कूल में पढ़ानेवाले 3524 पारा शिक्षक शुक्रवार से हड़ताल पर चले गए। उनके हड़ताल पर जाने से ग्रामीण इलाकों में चलनेवाले स्कूलों की पढ़ाई पूरी तरह से ठप हो गई। वहीं मनरेगा कर्मियों के भी हड़ताल पर चले जाने के कारण मजदूरों को मिलनावाला रोजगार भी छिन गया। गांव का सारा विकास कार्य ठप हो गया। मनरेगा कर्मियों ने धरना देकर सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली तो पारा शिक्षकों ने विभिन्न प्रखंड में बैठक कर आंदोलन को और तेज करने का ऐलान कर डाला।

स्कूल में ताला जड़कर हड़ताल पर गए पारा शिक्षक

दुमका : रांची में साथियों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में पारा शिक्षकों ने आंदोलन का एलान कर दिया। शुक्रवार को विभिन्न प्रखंड के स्कूल में पढ़ानेवाला पारा शिक्षकों ने अपने स्कूल में ताला जड़ दिया। उनका कहना था कि सरकार को अब पारा शिक्षकों की ताकत का पता चलेगा। रांची में सभी लोग शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे थे। सरकार के आदेश पर पुलिस ने घेरकर लाठी चार्ज कर दिया। इसमें बड़ी संख्या में पारा शिक्षक घायल हो गए। एक के शहीद होने की बात पता चली है। उन्होंने कहा कि सरकार लाठी के बल पर उनकी आवाज दबाना चाहती है लेकिन उसे यह पता नहीं है कि पारा शिक्षक किसी की सत्ता छीन सकते हैं। राज्य के मुख्यमंत्री अपना एकछत्र राज चाहते हैं। उनके इशारे पर ही लाठीचार्ज किया गया है। अब पारा शिक्षकों ने आरपार की लड़ाई का मन बना लिया है। देखते हैं कि सरकार और क्या कर सकती है। आनेवाले चुनाव में उसे इसका खामियाजा भुगतना होगा।

विद्यालय प्रबंधन समिति का भी समर्थन

स्कूलों के संचालन के लिए ही हर स्कूल में विद्यालय प्रबंधन समिति का गठन किया गया है। हड़ताल के बाद अब विभाग समिति के अध्यक्ष के माध्यम से स्कूलों में पढ़ाई चालू कराने का प्रयास कर रहा है। जबकि पहले भी समिति के सदस्य पारा शिक्षकों का समर्थन करते आए हैं। इस बार भी सभी पारा शिक्षक के साथ हैं। अगर कोई शिक्षक स्कूल खुलवाने का प्रयास करता है तो उसे पारा शिक्षकों के गुस्से का शिकार होना पड़ सकता है। स्वयं जिला शिक्षा अधीक्षक इस बात को मानती है कि पारा शिक्षकों की मर्जी के बगैर समिति के अध्यक्ष कोई काम नहीं करते हैं।

कहां किस स्कूल में कितने पारा शिक्षक

प्रखंड------------कुल स्कूल------कुल पारा शिक्षक

-दुमका-------84--------------371

-गोपीकांदर---------46----------183

-जामा----------111--------371

जरमुंडी---------155---------517

काठीकुंड--------81----------270

मसलिया---------104---------260

रामगढ़----------118---------450

रानीश्वर---------85---------323

सरैयाहाट---------107---------371

शिकारीपाड़ा---------113---------408

वर्जन ----

पारा शिक्षकों के हड़ताल पर चले जाने से करीब एक हजार स्कूल में पढ़ाई बंद हो गई है। विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष को एमडीएम चलाने का निर्देश दिया गया है। बंद स्कूल में शिक्षकों को भेजकर पढ़ाई चालू कराने का प्रयास किया जाएगा। सरकार से आदेश मिलने के बाद ही हड़ताल पर गए पारा शिक्षकों पर किसी तरह की कार्रवाई की जाएगी। अभी तक इस तरह का आदेश प्राप्त नहीं हुआ है।

मारिया गैरेती तिर्की, जिला शिक्षा अधीक्षक, दुमका

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रामगढ़ : लाठीचार्ज करने के विरोध में शुक्रवार से प्रखंड के पारा शिक्षक अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश पर चले गए। पारा शिक्षकों के हड़ताल पर जाने के कारण रामगढ़ प्रखंड के लगभग 175 विद्यालयों में ताला लटक गया है। रामगढ़ प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों में लगभग 450 पारा शिक्षक कार्यरत है। हालांकि संघ द्वारा अनिश्चिकालीन हड़ताल की सूचना समय पर नहीं मिलने के कारण शुक्रवार को कुछ विद्यालय को खोला भी गया था। पारा शिक्षकों के हड़ताल पर जाने के कारण प्रखंड के 175 विद्यालय में पठन-पाठन कार्य ठप होने के साथ एमडीएम भी पूरी तरह बंद हो गया है। हालांकि अभी तक पारा शिक्षक संघ की ओर से हड़ताल पर जाने की सूचना प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी को नहीं दी गई है। प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी सुशीला मुर्मू ने बताया कि कुछ पारा शिक्षक के हड़ताल पर जाने की सूचना मिल रही है लेकिन उनके द्वारा कोई लिखित जानकारी नहीं दी गई है। वहीं जो पारा शिक्षक हड़ताल पर नहीं गए हैं उन्हें भी इसकी लिखित जानकारी देने को कहा गया है। पारा शिक्षक संघ के प्रखंड संयोजक योगेंद्र प्रसाद साह ने बताया कि प्रखंड के सारे पारा शिक्षक शुक्रवार को अनिश्चितकालीन सामूहिक हड़ताल पर चले गए हैं।

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सरैयाहाट : सरकार की दमन नीति के विरोध में आंदोलन की रणनीति बनाने के लिए एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा द्वारा शुक्रवार को प्रखंड मुख्यालय स्थित प्लस टू उच्च विद्यालय परिसर में प्रखंड अध्यक्ष सुरेंद्र प्रसाद यादव की अध्यक्षता में एक बैठक की गई। हड़ताल में जाने का निर्णय लिया। वहीं संगठन की राज्य इकाई द्वारा घोषित अनिश्चितकालीन हड़ताल को सफल बनाने का निर्णय लिया गया। बैठक में सत्तारूढ़ दल के सांसद एवं विधायक को क्षेत्र में प्रवेश करने पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया। बैठक को संबोधित करते हुए प्रखंड अध्यक्ष ने कहा कि पारा शिक्षक अपनी चीरकालीन मांगों को लेकर स्थापना दिवस पर प्रदर्शन कर रहे थे। सरकार की दमनकारी नीति के आगे पारा शिक्षक झुकनेवाले नहीं हैं। इस बार संगठन आर-पार की लड़ाई लड़ेगी। इसके लिए आंदोलन को तेज किया जाएगा। जिससे प्रखंड की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाएगी। जिसके जिम्मेदार सरकार होगी। इसके साथ ही कहा कि गिरफ्तार किए गए पारा शिक्षकों को सरकार रिहा करे अन्यथा संगठन उग्र आंदोलन का रूप अख्तियार करेगी। बैठक में विकास ठाकुर, धनंजय यादव, शंभु यादव, जीतेंद्र ठाकुर, दीपक कुमार यादव, नीलमोहन मंडल, बलराम यादव, दिनेश शर्मा, नारायण राउत, अमरेश कुमार ¨सह, संजय कुमार, अर्जुन प्रसाद साह, सुरेश मंडल, नकुल मंडल, राजेंद्र मांझी आदि पारा शिक्षक उपस्थित थे।

चिकनियां : जामा प्रखंड मुख्यालय परिसर में एकीकृत पारा शिक्षक संषर्घ मोर्चा जामा की बैठक शुक्रवार प्रखंड अध्यक्ष राजेंद्र मांझी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में मुख्य रूप से जिला कोषाध्यक्ष जयप्रकाश यादव उपस्थित थे। शिक्षक व शिक्षिकाओं ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया। बैठक के बाद हड़ताल की लिखित सूचना संघ द्वारा प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी को दी गई। बैठक में मुख्य रूप से राजीव पंजियारा, पारसनाथ यादव, परमानंद यादव, रोहित मंडल, भुवनेश्वर मंडल, उदय यादव, अरूण यादव, मुकेश कुमार राय, धनंजय यादव, गुलाब राय, सुरेंद्र भंडारी, सुनीला देवी, ललिता मंडल, पुतुल मुर्मू, अमित मंडल, तेजनारायण राय, रवींद्र मंडल, मोहन दर्वे, राजेश यादव, मधुमंगल नाग, नीलाम्बर यादव, सुबोध लायक, बसंत कुमार, आदि उपस्थित थे।

सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र यादव ने कहा कि सरकार शिक्षकों पर दमनकारी नीति अपना कर बहुत गलत किया है। पारा शिक्षकों के कारण ही सुदूर गांव तक शिक्षा का दीप जल रहा है। रघुवर सरकार की यह नीति घोर ¨नदनीय है आनेवाले समय में सरकार को इसका परिणाम भुगतना होगा।

दलाही : मसलिया प्रखंड मुख्यालय में शुक्रवार को एकीकरण पारा शिक्षक संघ की एक बैठक रामप्रसाद यादव की अध्यक्षता में हुई। उन्होंने कहा कि पारा शिक्षकों के बिना शिक्षा तंत्र अधूरा है। हड़ताल से प्रखंड में सैकड़ों विद्यालय बंद हो जाएंगे। सरकार का यह भेदभाव बहुत महंगा पड़ेगा। कोई भी शिक्षक अब स्कूल न तो जाएगा और न ही खुलने देगा।

रांची में घायल पारा शिक्षकों के स्वास्थ्य सुधार के लिए ईश्वर से प्रार्थना भी की। मौके पर घनश्याम दत्त, अनीता सेन, ज्योति मरांडी, सुजाता दे, सुमित्रा कुमारी लोहरा, विलाबी मुर्मू, पद्मावती कुमारी, स्नेहलता बास्की, मालती सोरेन, चंदना रानी आचार्य, पूनम कुमारी गुप्ता, जुनेश हेंब्रम, एलिकशन हसदा, प्रभाकर झा, लतिका हेंब्रम, कंचन कुमार, कुंदन कुमार ¨सह, मृणाल कांत, प्रकाश चंद्र मंडल, बाबूराम हेंब्रम, फिरोज सोरेन आदि सैकड़ों पारा शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद थीं।

Posted By: Jagran

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