धनबाद : कोरोना काल में सबसे ज्यादा लोगों को मानसिक परेशानी उठानी पड़ रही है। घरों से लेकर बाहर तक काम करने वाली महिला पुरुषों में तेजी से मानसिक दबाव बढ़ा है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विभाग अधिक से अधिक लोगों को मानसिक सलाह देने में लगा है। सदर अस्पताल स्थित युवा मैत्री केंद्र कोरोना काल में वरदान साबित हो रहा है। दरअसल, विशेषकर किशोर-किशोरियों के लिए बनाए गए इस केंद्र में अब कोरोना मरीजों की भी काउंसलिंग की जा रही है। मरीजों के स्वजनों को भी बेहतर काउंसलिंग करके उन्हें मजबूत बनाया जा रहा है। हर दिन दर्जनों की संख्या में किशोर- किशोरियों के साथ कोरोना संक्रमित लोग भी परामर्श ले रहे हैं। कई ऐसे मरीज भी हैं जो ठीक होने के बाद आकर परामर्श ले रहे हैं। केंद्र की काउंसलर रानी प्रसाद ने बताया कि कोरोना काल में कई लोगों के मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हुए हैं। यह समुदाय स्तर पर भी हुआ है। कोरोना को लेकर कुछ भ्रातिया भी हैं। फिलहाल में ऐसे लोगों को भी परामर्श करके ठीक किया जा रहा है। स्कूली बच्चों को भी ऑनलाइन काउंसिलिंग शुरू की गई है।

समुदाय का सहयोग बेहद जरूरी : केंद्र में आने वाले कई ऐसे मरीज हैं, जो कोरोना से ठीक हो चुके हैं। लेकिन उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस विभाग में कार्यरत एक जवान बताते हैं कि संक्रमण काल में उनके अपने कई परिजन दूर चले गए। समाज का सहयोग भी अच्छा नहीं रहा। ऐसे में उन्हें काफी परेशानी हुई। केंद्र की ओर से बताया गया कि कोरोना संक्रमण दर अधिक है, लेकिन मृत्यु दर काफी कम है। ऐसी परिस्थिति में समाज का सहयोग बेहद जरूरी है। एहतियात बरतना है, लेकिन संक्रमित के लिए मन में घृणा की भावना नहीं रखनी है। बल्कि उनकी हौसला अफजाई करनी है।

केंद्र सरकार की विशेष योजना है युवा मंत्री केंद्र : युवा मैत्री केंद्र में किशोरावस्था के दौरान होने वाले शारीरिक परिवर्तन, जिज्ञासा, मानसिक तनाव आदि की जानकारी दी जाती है। एनीमिया से संबंधित लड़कियों को जानकारी मिलती है। यह केंद्र सरकार की अति महत्वकाक्षी योजना में शामिल है। प्रत्येक जिला मुख्यालय और प्रखंड में इसके लिए अलग-अलग यूनिट बनाई गई है।

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