जागरण संवाददाता, धनबाद : हाथियों के सामने धनबाद जिले के टुंडी क्षेत्र में आदिवासी और आदिम जनजाति खुद को विवश पा रहे हैं। हाथी झुंड में आते हैं। हमले कर जान-माल की नुकसान पहुंचा चले जाते हैं और गांव वाले देखते रह जाते हैं। बुधवार की रात भी हाथियों का झुंड पहुंचा तो टुंडी पंचायत के विरंची गांव के ग्रामीण कुछ नहीं कर पाए। एक हाथी गांव के रैका सोरेन को सूंड़ में लपेट कर जंगल ले गया। फिर पटक-पटक कर माला डाला। इस घटना के बाद ग्रामीण दहशत में हैं।

पड़ोस के जिले गिरिडीह और जामताड़ा से आता हाथियों का झुंड : धनबाद जिले का टुंडी क्षेत्र झारखंड के गिरिडीह और जामताड़ा जिले से सटा हुआ है। टुंडी से सटे दोनों जिलों में हाथियों का मूवमेंट है। हाथी घूमते रहते हैं। बुधवार रात भी हाथियों का जिले से आया। टुंडी पंचायत के तलहटी में बसे बरंची गांव के धान के खेत में हाथी उधम मचा रहे थे। हाथियों के चिंघाड़ने की आवाज सुनाई दी तो ग्रामीण इधर-उधर भागने लगे। इसी बीच एक हाथी आया और आमिन सोरेन के पुत्र रैका सोरेन को सूड़ में लपेट कर ले गया।

एक साल में सात की अकाल मौत : हाल के वर्षो में हाथियों के हमले से टुंडी में साल लोगों की मौत हो चुकी है। 20 और 21 जून 18 को हाथियों के हमले से दोमुंडा इससे पहले डोंगापानी, दुम्मा, दुर्गारायडीह में भी हाथियों के हमले से मौत की घटनाएं हो चुकी हैं।

Posted By: Jagran

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