धनबाद [ अश्विनी रघुवंशी ]। Weekly News Roundup Dhanbad  राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती की तारीख दो अक्टूबर। तारीख गुजर चुकी है। बच गई हैं तो बापू की आदमकद प्रतिमा पर सूखती मालाएं। सिटी सेंटर चौक से गुजरने वाले हर राही की निगाह गेंदा फूल की सूख रही मालाओं पर पड़ रही है। आम लोग जता रहे हैं तो सिर्फ अफसोस। राष्ट्रपिता को श्रद्धासुमन अर्पित करने और उनके विचारों के प्रति आस्था जताने जिलाधिकारी उमा शंकर सिंह एवं पुलिस कप्तान असीम विक्रांत मिंज तक गए। माला पहनाई। माला पहनाने के लिए इतने नेता गए थे कि बापू का चेहरा ढक गया। जयंती मनाने आए नामचीन लोगों ने यह अहसास कराने का प्रयास किया कि वे दिल से बापू की विचाराधारा को मानते हैं। स्वच्छता के प्रति बापू के आग्र्रह की भी याद दिलाई गई। जयंती गुजरी। गुजर गया सब कुछ। किसी को ख्याल नहीं कि बापू की प्रतिमा को फिर साफ सुथरा कर दें।

जेठानी से कैसे पीछे रहे देवरानी

दहकती आग पर आबाद झरिया की सियासत में सत्ता है, बाहुबल है, धन बल भी है। कारण कि वहां कोयला है। इफरात। सो, वहां की सियासत में दबंगई पहले भी थी, अभी भी है। पूर्णिमा सिंह कांग्र्रेस से विधायक हैं। पिछले चुनाव में देवरानी रागिनी को हराया था। खैर, बीसीसीएल के बस्ताकोला एरिया में आउटसोर्सिंग कंपनी द्वारा चल रहे काम को पूर्णिमा सिंह ने खुद जाकर रुकवा दिया। आरोप लगाया कि आदिवासी रैयत की जमीन पर खनन का काम चल रहा है जो विधिसम्मत नहीं है। विधायक ने खुद काम रुकवाया तो जमीन मापने झरिया अंचलाधिकारी दौड़ पड़े। अगले दिन रागिनी सिंह ने वहां जाकर काम चालू करा दिया। पूर्व पीएम चंद्रशेखर सिंह के बेहद अजीज रहे बाहुबली सूर्यदेव सिंह की पुत्रवधू रागिनी जेठानी से इतनी आसानी से हार मानने को तैयार नहीं है। झरिया टॉकीज में ऐसे कई सिनेमा देखने को तैयार रहिए।

चंद्र ने दिखाया भाजपा को प्रकाश

महज 10 महीने पहले आजसू ने भाजपा से नाता तोड़ लिया था और अकेले विधानसभा चुनाव लड़ा था। यूपीए महागठबंधन एकजुट होकर उतरा था। चुनाव नतीजे आए तो आजसू को थोड़ा नुकसान हुआ, भाजपा को ज्यादा। भाजपा की सत्ता छीन गई। झारखंड में पहला उप चुनाव दुमका एवं बेरमो में हो रहा है। आजसू सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी के निर्वाचन क्षेत्र का हिस्सा है बेरमो। आजसू अध्यक्ष सुदेश महतो ने 'मौसाजीÓ को आगे किया। मौसाजी चंद्रप्रकाश ने एलान किया कि भाजपा और आजसू का गठबंधन फिर कायम होगा। पिछले विधानसभा चुनाव में बेरमो से आजसू को 16 हजार से अधिक मत मिले थे। चंद्रप्रकाश ने साफ किया कि आजसू अपना प्रत्याशी नहीं खड़ा करेगी। सुदेश और चंद्रप्रकाश की पहल से दुमका एवं बेरमो में भाजपा को प्रकाश दिखने लगा है। दोनों सीटें यूपीए के पास थी। एनडीए गठबंधन कायम होने से अब भाजपा बमबम है।

राज की बात राज रहने दो

भाजपा विधायक राज सिन्हा के दिल में राज की कई बातें हैं। उनके हमराज भाजपा नेता सतीश सिंह की हत्या हो गई। आजतक न साजिशकर्ता पकड़ा गया है, न शूटर। दो चार लोग जरूर धरे गए हैं। सतीश की हत्या के कई राज ऐसे हैं जिन्हें जानने के लिए 'राजÓ बेताब हैं। सतीश के दुनिया से जाने के सदमे से उबरे नहीं थे कि पुटकी के भाजपा नेता की पुत्री प्रेम विवाह के लिए घर से भाग निकली। इस मसले ने फिर चिंतित कर दिया। निर्वाचन क्षेत्र राज सिन्हा का है  और वहां भाजपा के दूसरे विधायकों ने आवाजाही बढ़ा दी है। यह भी चिंता का सबब बन चुका है। बजरंगी नेता ने उनसे हुई बातचीत को वायरल कर दिया तो राज के 'मन की बातÓ सार्वजनिक हो गई। सियासी राह से शूल हटाने का हुनर राज बखूबी जानते हैं। अब उनकी बारी है। 

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस