धनबाद [ दिनेश कुमार ]। Weekly News Roundup Dhanbad साफ-साफ कह दिया गया है कि जो बाहर से आए हैं, उन्हें होम क्वारंटाइन में रहना होगा, मुहर भी लगेगी, लेकिन कुछ लोगों को घर में रहना भी कम भारी नहीं लगता। अब देखिए न, सख्त निर्देश और मुहर के बाद भी कई लोग घर में नहीं मिले, बाहर मौज-मस्ती करते रहे। न प्रशासन का डर, न संक्रमण की दहशत। कोई बाजार घूम रहा था तो कोई दोस्तों संग महफिल में। अचानक प्रशासन ने ऐसे पांच लोगों की जांच करवा दी। टीम उनके घर पहुंच गई, मगर वे नहीं मिले। अब तो अफसरों की त्योरियां चढ़ गईं। ऐसी लापरवाही। ये तो बिल्कुल बर्दाश्त के काबिल नहीं। नियम है तो पालन करना ही होगा। आखिर लोगों की जिंदगी का सवाल है। इन सभी पर प्राथमिकी करने का निर्देश दिया गया है। जिन्हें होम क्वारंटाइन भारी लगा, उन्हें अब जेल में आइसोलेशन में भेजने की तैयारी है।

बैंक में कौन लेकर आया वायरस
यूं तो कोरोना का प्रकोप गली-गली, मोहल्ले-मोहल्ले में है, लेकिन स्टेट बैंक के कर्मियों और अधिकारियों पर ज्यादा ही असर दिख रहा है। एक-दो करते-करते अब इस बैंक में संक्रमितों की गिनती 33 तक पहुंच गई है। संकट ऐसा कि एक बैंक शाखा में तो ताला ही लटकाना पड़ गया। बैंक में नोट गिननेवाले अस्पताल से बाहर निकलने के लिए दिन गिन रहे हैं। अब बड़ा सवाल ये है कि आखिर यहां कोरोना का वायरस आया कैसे? बैंक के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी तक जवाब तलाश रहे हैं। चिंतित भी हैं। बातचीत हुई तो कई तरह की बातें सामने आईं। पता चला कि कुछ दिन पहले कोलकाता से एक ऑडिटर जांच करने के लिए आए थे। यहां मुख्य और अन्य शाखाओं में गए थे। बाद में वही संक्रमित मिले। बैंक आनेवाले कुछ कस्टमर भी इसके कैरियर बने। जो भी हो, स्थिति विकट है।

कोरोना काल में कछुआ चाल

कोरोना से मुकाबले के लिए सरकारी महकमा लोगों को सावधान-सतर्क करने में तो पीछे नहीं, लेकिन इसी दौरान दो महकमे का आपसी तालमेल खुद बिगड़ गया। एक खरगोश की चाल चल रहा था तो दूसरा कछुआ चाल से। जाहिर तौर पर गड़बड़ी तो होनी ही थी। हुई भी। दरअसल, एक पॉजिटिव मरीज को दो दिन घर में ही रहना पड़ गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम उसे समय से अस्पताल नहीं पहुंचा सकी। दूसरी तरफ प्रशासनिक अमला मरीज के घर व आसपास के क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन बनाने पहुंच गया। इस पर आसपास के लोग भड़क गए। कहने लगे कि जब मरीज घर में ही है तो इलाका सील करने से क्या होगा। अधिकारियों को भी इसका जवाब नहीं सूझा। बैरंग लौट गए। फिर स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन के लोग साथ गए। एक मरीज को लेकर निकला तो दूसरे ने इलाका सील किया। अलर्ट रहें सब।

Posted By: Mritunjay

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