संवाद सहयोगी, तोपचांची: कतरास कोयलांचल के लोगों के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें गर्मी के दिनों में पानी की किल्लत से रूबरू नहीं होना पड़ेगा। तोपचांची झील में पानी के आवक को बढ़ाने के लिए गिरिडीह के महेशडूबा स्थित जोरिया से पानी लाया जाएगा। इसकी कवायद शुरू कर दी गई है। गुरुवार को रांची की एक्वा पंप्स की सर्वे टीम यहां पहुंची और झील का मुआयना किया।

टीम ने यहां से 12 किलोमीटर दूर गिरिडीह के महेशडूबा गांव पहुंचा। यहां स्थित जोरिया पहुंचे। सदस्यों ने बताया कि महेशडूबा नाला से झील तक पानी पहुंचाना है। गर्मी के दिनों में भी महेशडूबा जोरिया में पानी का बहाव रहता है। बताया कि तीन दिनों तक सर्वे चलेगा। उसके बाद डीपीआर तैयार करके माडा को सौंप दी जाएगी। इसके बाद माडा की तरफ से टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

महेशडूबा के ग्रामीणों ने बताया कि सालों भर जोरिया में पानी का बहाव रहता है। यहां से अगर तोपचांची झील पानी चला जायेगा तो वहां कभी भी लोगों को पानी की किल्लत नहीं होगी।

एक्वा पंप कंपनी के इंजीनियर एलडी त्रिपाठी, मैनेजर पंकज मिश्रा, पूर्व जिप उपाध्यक्ष संतोष महतो, महेंद्र महतो, मनोज महतो, रामसेवक महतो, बिनोद प्रमाणिक, सरयू महतो, सर्वे टीम के रवि कुमार, सुनील कुमार, समूल कुमार आदि थे।

ऐसे आएगा झील तक पानी

तोपचांची झील में पानी पहुंचाने को लेकर महेशडूबा जोरिया में एक पंप व दो मोटर लगाए जाएंगे। 12 किलोमीटर तक भूमिगत पाइपलाइन के जरिए झील में पानी गिराया जाएगा। टीम के सदस्यों ने बताया योजना में करीब 15-20 करोड़ की लागत आने का अनुमान है। इन इलाकों को होगा फायदा

जानकारी हो कि कतरास कोयलांचल के लोगों को पेयजल के लिए तोपचांची झील के पानी पर निर्भर रहना पड़ता है। गर्मी से पूर्व ही लोगों को पानी समस्या से जूझना पड़ता है। अगर यह योजना कारगर होती है तो कतरास, तिलाटांड़, सिजुआ, तेतुलमारी सहित आस पास के इलाके में पानी की समस्या नहीं रहेगी।

Edited By: Jagran