जासं, झरिया-तिसरा : गोलकडीह डिपू धौड़ा के ग्रामीणों के विस्थापन व अन्य मांगों को लेकर शुक्रवार को कुजामा परियोजना कार्यालय में प्रबंधन के साथ मासस और बीसीकेयू प्रतिनिधियों ने वार्ता की। वार्ता में तय हुआ कि सर्वे कराकर लोगों की सूची बनाई जाएगी। इसके बाद जितने लोग वहां रह रहे हैं। उन लोगों की लिस्ट उच्च अधिकारी को दी जाएगी। साथ ही जमीन चिन्हित कर उसका प्रपोजल भी भेजा जाएगा। वार्ता के बाद अधिकारियों की टीम ग्रामीण के साथ बंगाली कोठी जाकर जमीन का मुआयना किया। ग्रामीण ने यहां बसने पर सहमति जताई। बताते हैं कि लोदना क्षेत्र कुजामा में आउटसोर्सिंग परियोजना चलाने की योजना प्रबंधन की है। यहां से कीमती कोयला निकाला जाएगा। गुरुवार को बस्ती के समीप देवप्रभा आउटसोर्सिंग कंपनी का कैंप बनाने प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच सहमति बनी थी। प्रबंधन ने ग्रामीणों को समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया था। समस्या का समाधान कराया जाएगा। मासस के सपन पासवान, बिहार कोलियरी कामगार यूनियन के राजेंद्र पासवान ने कहा कि प्रबंधन ने आने वाले दिनों में

ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान नहीं किया तो फिर आंदोलन को बाध्य होंगे। वार्ता में परियोजना पदाधिकारी केके सिंह, प्रबंधक सपन मंडल, सर्वे अधिकारी केएन जयसवाल, यूनियन की ओर से सुरेश भुईयां, कामता पासवान, राम प्रसाद यादव, अशोक राम, विकास राम, कुंदन पासवान, मोहन भुईयां, राजेश भुईयां आदि थे। दूसरी ओर कैंप बनाने के स्थल पर सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था शुक्रवार को देखी गई। तिसरा थाना प्रभारी अभिजीत कुमार, एएसआई दिलीप झा, घनुडीह ओपी प्रभारी चंद्रशेखर सिंह, दंडाधिकारी डॉ प्रमोद कुमार थे। आउटसोर्सिंग परियोजना के समर्थक काम कराते देखे गये‌। सीएमपीडीआई की टीम की ओर से कैंप बनाने के स्थल की मापी का काम प्रारंभ किया गया। सीनियर सर्वेयर सुदीप हाजरा और देव कुमार नायक ने बताया कि सर्वे का काम तीन दिनों तक चलेगा। इसके बाद अपने अधिकारी को रिपोर्ट भेज देंगे। वहां से दिशा निर्देश के अनुसार आगे का काम प्रारंभ होगा।

Edited By: Atul Singh