धनबाद, जेएनएन। 25 मार्च, 2020 को देश में लॉकडाउन के बाद केंद्र सकार ने 1 जून, 2020 से अनलॉक की प्रक्रिया शुरू की। तभी केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अनलॉक के लिए जारी गाइडलाइन में साफ कर दिया था कि राज्यों के भीतर और दो राज्यों के बीच लोगों के आवागमन पर कोई रोक नहीं होगी। किसी तरह की ई-पास की जरूरत नहीं होगी। इसके बावजूद झारखंड में आवागमन को लेकर पाबंदियां जारी हैं। धनबाद जिले में झारखंड और पश्चिम बंगाल की सीमा सील है। 

झारखंड का धनबाद जिला पश्चिम बंगाल की सीमा से सटा हुआ है। धनबाद होकर ही नई दिल्ली-कोलकाता (एनएच-2) जीटी रोड गुजरता है। धनबाद की मैथन सीमा झारखंड और पश्चिम बंगाल को बांटती है। मैथन सीमा पर दोनों तरफ से आम लोगों की आवाजाही पर रोक है। प्रशासन ने सीमा सील कर रखा है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने देश के सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर राज्य सरकारों द्वारा लगाई गई अंतरराज्यीय आवाजाही पर पाबंदी को हटाने का निर्देश दिया है। इसके बाद उम्मीद की जा रही है कि धनबाद जिले में मैथन, पंचेत और चिरकुंडा सीमा झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच आवाजाही के लिए खोल दी जाएगी। 

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इंटरस्टेट आवाजाही पर लगी पाबंदियों को हटाने का निर्देश दिया है। गृह सचिव अजय भल्ला ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को चिट्ठी लिखकर कहा है कि इंटरस्टेट आवाजाही पर कोई पाबंदी नहीं लगाई जाएगी। हिदायत देते हुए कहा गया है कि अगर राज्य सरकार अंतरराज्यीय आवाजीह पर रोक लगाती है तो इसे गृह मंत्रालय की गाइडलाइन का उल्लंघन माना जाएगा। चिट्ठी में लिखा गया है कि अंतरराज्यीय आवाजाही पर लगी पाबंदियों से सप्लाई चेन प्रभावित हो रहा है। अर्थव्यवस्था और रोजगार भी प्रभावित हो रहा है।

केंद्रीय गृह सचिव के पत्र के आलोक में झारखंड और पश्चिम बंगाल सीमा खोलने के सवाल पर धनबाद जिला प्रशासन के अधिकारी कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे हैं। एक अधिकारी ने कहा-केंद्रीय गृह सचिव के पत्र के मद्देनजर राज्य सरकार का जो भी दिशा-निर्देश होगा उसका अनुपालन किया जाएगा। 

 

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