धनबाद, जेएनएन। पत्नी को जलाकर मार देने के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजकमल मिश्रा की अदालत ने महाराजगंज टुंडी निवासी मंगल रजवार को ताउम्र कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना से दंडित किया है। 27 अगस्त को अदालत ने मंगल को दोषी करार दिया था। 3 मई 2016 की रात 8 :30 बजे मंगल ने अपनी पत्नी अनीता देवी के शरीर पर किरासन तेल डालकर उसे आग लगा दी थी और दरवाजा बाहर से बंद कर भाग गया। आनन-फानन में अगल-बगल के लोगों ने अनीता को पीएमसीएच में भर्ती कराया था। इलाज के दौरान 17 मई 16 को अनीता की मौत हो गई थी। मृत्यु से पूर्व अनीता ने पुलिस को बयान देते हुए कहा था कि उसके पति मंगल रजवार ने उसे आग लगाया है। मृतका के मृत्यु पूर्व कथन के आधार पर प्राथमिकी टुंडी थाना में दर्ज की गई थी।

यौनाचार करने में लोयाबाद के दोषी को 10 साल की सजाः 14 वर्ष के नाबालिग के साथ अप्राकृतिक यौनाचार करने के आरोपी सेंद्रा लोयाबाद निवासी यशवंत सिंह उर्फ मोलू सिंह को अदालत ने सजा सुनाई। पोक्सो के विशेष न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार शर्मा की अदालत ने यशवंत को 10 वर्ष के कठोर कारावास एवं 60 हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया है। पीडि़त अपने मित्र के साथ 8 मई 2018 को कोयला चुनने बांसजोड़ा साइडिंग गया था। वहां से वह अपने मित्र के साथ रात 11 बजे लौट रहा था। रास्ते में पुलिस की गाड़ी देख कोयला छोड़कर छिप गया था। पुलिस की गाड़ी गुजरते ही दो लोग स्कूटी पर आए। उनमें एक यशवंत सिंह और एक अन्य शख्स था। दोनों जबरन पीडि़त और उसके मित्र को उठा कर लोयाबाद स्थित एक क्वार्टर में ले गए। वहां  पीडि़त और उसके दोस्त से काफी मारपीट की गई। पीडि़त का दोस्त किसी तरह वहां से भाग गया। इसके बाद यशवंत सिंह ने पीडि़त के साथ अप्राकृतिक यौनाचार किया और उसे जान मारने की धमकी दी। पीडि़त की शिकायत पर जोगता थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

धनसार गोलीकांड में डिप्टी मेयर नहीं हुए हाजिरः सद्भाव आउटसोर्सिंग में वर्चस्व स्थापित करने को लेकर हुई गोलीबारी के मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश आलोक कुमार दुबे की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान डिप्टी मेयर एकलव्य सिंह अदालत में उपस्थित नहीं थे। वहीं  अभियोजन ने इस मामले मे गवाह पेश करने हेतु समय की याचना की। अदालत ने अपर लोक अभियोजक कुलदीप शर्मा को गवाह पेश करने का निर्देश देते हुए अगली तारीख निर्धारित कर दी है। 

मटकुरिया गोलीकांड की सुनवाईः मटकुरिया गोलीकांड की सुनवाई जिला न्यायाधीश चतुर्थ रवि रंजन के अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान आरोपित पूर्व मंत्री बच्चा सिंह, ओपी लाल, मन्नान मल्लिक हाजिर नहीं थे। अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई के लिए तारीख निर्धारित कर दी है। मालूम हो कि 27 अप्रैल 11 को मटकुरिया में बीसीसीएल के आवासों को अतिक्रमण से मुक्त कराने गये पुलिस बल के साथ आंदोलनकारियों की हिंसक झड़प हुई थी। इसमें विकास सिंह समेत चार लोगों की मौत हो गई थी। तत्कालीन एसडीओ जॉर्ज कुमार के लिखित प्रतिवेदन पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी। अनुसंधान के बाद पुलिस ने 38 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था।

रंगदारी मामले में गोपी खान की पेशीः रेलवे ठेकेदार संजय सिंह से दो लाख रुपये रंगदारी मांगने के मामले मे गैंग्स ऑफ वासेपुर के गोपी खान को प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी मोमिता गुईन की अदालत मे पेश किया गया।अभियोजन ने गवाह पेश करने हेतु समय की याचना की । अदालत ने सुनवाई की अगली तारीख निर्धारित कर दी है।

8 अप्रैल 12 को ठेकेदार संजय सिंह की लिखित शिकायत पर गोपी खान के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई थी। प्राथमिकी के मुताबिक उनके मोबाइल फोन पर एक व्यक्ति ने फोन कर धमकी दी थी कि सिंडिकेट में नही आयेगा तो दो लाख रुपये होटल मे पहुंचा दो, नही तो ऊपर भेज देंगें। 7 अप्रैल की रात 7 : 30 बजे फिर फोन कर उस व्यक्ति ने गाली देते हुए कहा कि एक बार तो बच गया इस बार पूरा मैगजीन छाती मे खाली कर देंगें। फोन करने वाले ने अपना नाम गोपी खान बताया था।

Posted By: Mritunjay

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