निरसा : बीते दो वर्षों से फ्लोटिग ऐश ( सनोसफेयर ऐश) की बिक्री पर एमपीएल प्रबंधन की ओर से रोक लगा देने के विरोध में शनिवार से सिदो- कान्हू बेरोजगार आदिवासी सोसाइटी के सदस्यों ने एमपीएल पंप हाउस व छाई ट्रांसपोर्टिंग ठप कर ऐशपोंड एरिया में करीब पांच घंटे तक धरना दिया। सोसाइटी के इस आंदोलन के समर्थन में झामुमो के जिलाध्यक्ष रमेश टुडू, जिला प्रवक्ता अरुणा सरकार व प्रशांत हेंब्रम पहुंचे तथा आदिवासी युवकों की हौसला अफजाई की। सोसाइटी के सचिव हराधन हांसदा ने बताया कि कोरोना के नाम पर एमपीएल प्रबंधन ने पिछले दो वर्षों से फ्लोटिग ऐश की बिक्री नहीं करने दे रहा है। इसके कारण लगभग दो वर्षों में हम लोगों के द्वारा बोरियों में भरकर रखा गया डेढ़ से 200 टन फ्लोटिग ऐश बर्बाद हो चुका है। इस संबंध में कई बार पत्राचार किया गया परंतु प्रबंधन द्वारा कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई। इधर शाम पांच बजे एमपीएल के अधिकारी धरनार्थियों के पास पहुंचकर आश्वासन दिया कि सोमवार को एमपीएल कार्यालय में बैठकर मामले का समाधान कर लिया जाएगा। इसके बाद सोसाइटी के सदस्यों ने अपना आंदोलन वापस ले लिया।

हराधन हांसदा ने बताया कि हम लोग फ्लोटिग ऐश का रा-मटेरियल बालाजी इंडस्ट्रीज, सरला कैंट एवं दुर्गेश एंड कंपनी को 18 रुपये प्रति किलो की दर से बिक्री करते हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में फ्लोटिग ऐश की कीमत गिर जाने के कारण हम लोगों को उपरोक्त कंपनियां अब उतना पैसा देने को तैयार नहीं है। अंतरराष्ट्रीय बाजार को देखते हुए हम लोग मांग कर रहे हैं कि एमपीएल प्रबंधन हम लोगों को कम दर पर फ्लोटिग ऐश दे, ताकि हम लोग की आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके। मौके पर गोविद हेंब्रम, सूर्य मरांडी, अमित हांसदा, शैलेंद्र हेंब्रम, काली हेंब्रम, उपेंद्र हांसदा आदि मौजूद थे।

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