धनबाद, जेएनएन। स्कूल में छात्रा की पिटाई का मामला तूल पकड़ लिया। छात्रा के पिता ने स्कूल टीचर के खिलाफ थाने में शिकायत की है। पेयजल की समस्या झेल रही अलकुसा जीपी कैंप की महिलाओं ने विधायक राज सिन्हा को घेर लिया। झरिया के डॉ. नरेश प्रसाद ने सेंट्रल जीएसटी के इंस्पेक्टर जितेन दास पर दो लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए सीबीआइ से शिकायत की। एफडीआइ को लेकर कोयला मंत्रालय और मजदूर संगठनों के बीच तनाव की स्थिति है। पीआरपी का लाभ कोयला कंपनियों के करीब 20 हजार अफसरों को मिलेगा। बताया जाता है कि 50 हजार से लेकर तीन लाख तक की राशि अधिकारियों को मिलेगी।

छात्रा की पिटाई प्रकरण ने पकड़ा तूल, थाने में शिकायत

बिनोद नगर स्थित केंद्रीय विद्यालय में कक्षा आठ की छात्रा श्रीद्धि बुद्धप्रिय की शिक्षक एसके पांडेय ने पिटाई कर दी। पिटाई से छात्रा बेहोश हो गई। उसका इलाज पीएमसीएच में किया गया। शनिवार को हुई इस घटना ने तूल पकड़ लिया है। रविवार को छात्रा के पिता अभय बुद्धप्रिय ने धनबाद थाना में शिक्षक के खिलाफ लिखित शिकायत की है। बाल संरक्षण आयोग को भी सूचना दी है।

पानी के लिए महिलाओं ने विधायक राज सिन्हा को घेरा

झारखंड खनिज क्षेत्र विकास प्राधिकार (JMADA) की हड़ताल के कारण अलकुसा जीपी कैंप के लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है। महिलाओं ने विधायक राज सिन्हा को इसकी जानकारी देते हुए मुहल्ले में पेयजल नल खुलवाने की गुहार लगाई। महिलाओं ने इस दौरान विधायक से पेयजल लगाये जाने की भी मांग की। महिलाओं ने कहा कि मुहल्ले में नाली की स्थिति भी खराब है। विधायक ने आश्वस्त किया कि बहुत जल्द पेयजल नल खुलवाने का प्रयास किया जायेगा।

दो लाख के चक्कर में फंसे GST इंस्पेक्टर

झरिया के डॉ. नरेश प्रसाद ने सेंट्रल जीएसटी के इंस्पेक्टर जितेन दास पर दो लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए सीबीआइ से शिकायत की। सीबीआइ ने दास के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे आगे की जांच के लिए इंस्पेक्टर राहुल प्रियदर्शी को सौंपा है। सीबीआइ से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, डॉ. नरेश प्रसाद ने बताया था कि सेंट्रल जीएसटी के इंस्पेक्टर ने उनसे एक पुराने मामले में उनके पक्ष में रिपोर्ट देने के एवज में दो लाख रुपये घूस मांगी है।

FDI के विरोध से टकराव की ओर बढ़ रहा कोयला उद्योग

कोयला उद्योग में शत-प्रतिशत एफडीआइ के विरोध में मजदूर संगठनों ने 23 से 27 सितंबर तक हड़ताल का आह्वान किया है। इस मुद्दे पर कोयला मंत्रालय और कोल इंडिया के अधिकारियों की मजदूर संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता विफल हो चुकी है। दोनों पक्ष झुकने को तैयार नहीं हैं। एक तरफ जहां मजदूर संगठन हड़ताल को सफल बनाने को पूरी ताकत लगा रहे हैं तो वहीं, दूसरी तरफ इसे विफल करने के लिए कोयला मंत्रालय पुलिस-प्रशासन का सहयोग ले रहा है। इससे कोयला उद्योग का माहौल गर्म हो रहा है।

कोयला अधिकारियों को मिली PRP की सौगात

कोल इंडिया व इसकी सहायक कंपनियों के कोयला अधिकारियों के लिए वर्ष 2017-18 के लिए परफार्मेंस रिलेटेड पे (पीआरपी) भुगतान पर कोल इंडिया बोर्ड ने शनिवार को सहमति दे दी है। इसकी पुष्टि कोल इंडिया बोर्ड के सदस्य ने भी की। पीआरपी का लाभ कोयला कंपनियों के करीब 20 हजार अफसरों को मिलेगा। ई वन ग्रेड से लेकर कंपनी स्तरीय बोर्ड स्तर के अधिकारियों को इसका लाभ मिलेगा। बताया जाता है कि 50 हजार से लेकर तीन लाख तक की राशि अधिकारियों को मिलेगी।

Posted By: Sunil

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