धनबाद, जेएनएन। पीएमसीएच में कोरोना वायरस की जांच में 4 से 5 दिन लग रहे हैं। जांच रिपोर्ट के लिए मजदूरों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। पीएमसीएच में धनबाद सहित अन्य जिलों के लगभग तीन हजार रिपोर्ट पेंडिंग पड़े हैं। पीएमसीएच में संताल परगना से लेकर उत्तरी छोटा नागपुर के 12 जिलों को जोड़ा गया है। धनबाद सहित इन जिलों से काफी संख्या में स्वाब संग्रह करके पीएमसीएच भेजा जा रहा है।

काफी संख्या में स्वाब आने की वजह पीएमसीएच में लगी तीन मशीनें भी अब जवाब देने लगी हैं। यही वजह है कि इन 12 जिलों को मिलाकर लगभग 3000 सैंपल पेंडिंग पड़े हैं। विभिन्न जिलों के पदाधिकारी भी हर दिन पीएमसीएच के संवाद कर रहे हैं। एक ओर मजदूर रिपोर्ट के लिए अपील कर रहे हैं, दूसरी और पीएमसीएच प्रबंधन भी अपनी मजबूरियां गिना रहा है। यही वजह है कि 7 घंटे की रिपोर्ट की जगह 4 से 5 दिन लग रहे हैं।

जांच रिपोर्ट आने में 4 से 5 दिन का लंबा समय : पीएमसीएच से लंबे अंतराल के बाद लोगों की रिपोर्ट मिल पा रही है। दरअसल, पीएमसीएच में तीन अलग-अलग मशीनें लगाई गई है। इन तीनों मशीनों से 1 दिन में 500 रिपोर्ट जांचने की क्षमता है। जबकि 1 दिन में 1000 से 1500 स्वाब संग्रह करके पीएमसीएच भेजा जा रहा है। यही वजह है कि आधे से ज्यादा रिपोर्ट पेंडिंग हो जा रही है और यहीं से लोगों की परेशानी शुरू हो जा रही है।

इन जिलों में केस पेंडिंग :

  • धनबाद- 1911
  • साहिबगंज- 112
  • गोड्डा- 150
  • बोकारो- 200
  • जामताड़ा- 70
  • देवघर- 100
  • पाकुड़- 100
  • चतरा- 35
  • हजारीबाग- 50
  • कोडरमा- 40
  • गिरिडीह- 200
  • दुमका- 100

केस स्टडी :

  1. 11 दिन बाद आयी पॉजिटिव रिपोर्ट : बरवाअड्डा के दुमदुमी के युवक की रिपोर्ट 11 दिनों के बाद आयी है। नौ मई को युवक को गांव के क्वारंटाइन मेंं रखा गया था। 20 मई को पीएमसीएच की ओर से रिपोर्ट जारी की गयी।
  2. मरीज ने हंगामा किया, पांच दिनों के बाद आयी पॉजिटिव रिपोर्ट : बाघमारा के कपुरिया का युवक 11 मई से पीएमसीएच के आइसोलेशन में भर्ती था। हर दिन रिपोर्ट का इंतजार कर रहा था। 15 मई को अस्पताल में जमकर हंगामा किया। शाम में उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आयी।

    हर दिन हजारों की तादाद में मजदूर अपने घर आ रहे हैं। पीएमसीएच में एक दिन में 500 से अधिक रिपोर्ट जारी की जा रही है। इसके बावजूद कई केस पेंडिंग हैं। इसके पीछे का कारण काफी संख्या में स्वाब संग्रह होकर यहां आना है। प्रबंधन की कोशिश है कि पेंडिंग केसों का भी जल्द से जल्द निबटारा किया जाए। प्राथमिकता के तौर पर भी जांच की जा रही है। जल्द सब कुछ समान होने की उम्मीद है। -डॉ. शैलेंद्र कुमार, प्राचार्य, पीएमसीएच, धनबाद।

Posted By: Sagar Singh

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