मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

धनबाद, शशिभूषण। आपका वाहन कितने टन माल की ढुलाई करेगा, यह आपके वाहन का चक्का तय करेगा। अब चक्का के हिसाब से वाहनों की लदान क्षमता तय होगी। वाहन मालिकों के लिए एक अच्छी खबर है, क्योंकि अब धनबाद परिवहन विभाग ने भी निबंधित वाहनों की लदान क्षमता का काम शुरू कर दिया है। केंद्र सरकार ने भारी वाहनों सहित ट्रकों की भार वाहन सीमा को बढ़ाने और माल ढुलाई के लिए फिटनेस सर्टिफिकेट को भी अनिवार्य कर दिया था, पर केंद्र सरकार के इस आदेश को लेकर सूबे में संशय की स्थिति थी शुक्रवार को मुख्यालय के आदेश के बाद इसे शुरू कर दिया गया। केंद्र का यह आदेश केवल नए वाहन ही नहीं, बल्कि पुराने वाहनों में लागू होगा।

20 से 25 प्रतिशत तक बढ़ी वाहनों की लदान क्षमता: छह चक्का ट्रक (सामने के धुरी में दो पहियों और पीछे के चार पहियों) का वजन मौजूदा 16.2 टन से बढ़ाकर 19 टन कर दिया गया है। इसी प्रकार 10 चक्का ट्रक के लिए वजन 25 टन से बढाकर 28.5 टन कर दिया गया है। 12 चक्का ट्रक के लिए 31 टन से बढाकर 36 टन कर दिया गया है। 14 चक्का ट्रक के लिए वाहन वजन 37 टन से बढ़ाकर 43.5 टन कर दिया गया है। 18 चक्का ट्रक के लिए 42.2 से बढ़ाकर 47.5 टन कर दिया गया है। वहीं 22 चक्का ट्रेलरों के लिए 49 से 55 टन कर दिया गया है।

ओवरलोडिंग भ्रष्टाचार पर लगेगी रोक: भारी वाहनों की माल ढुलाई क्षमता वैश्रि्वक मानकों के अनुरूप लदान क्षमता बढ़ायी गयी है। इससे लॉजिस्टिक लागत में कमी लाने में मदद मिलेगी। इस कदम के जरिए ओवरलोडिंग के मामले में होने वाले भ्रष्टाचार को रोकने में मदद मिलेगी। इसके तहत छोटे, मझोले और बड़े ट्रकों में 3 से 6 टन तक ज्यादा सामान लादा जा सकेगा। वहीं, ट्रेड-इंडस्ट्री और ट्रासपोर्टर्स की ढुलाई लागत में कमी आएगी।

निबंधन पुस्तिका में करानी होगी इंट्री: ट्रकों की माल ट्रकों की माल ढुलाई क्षमता बढ़ाने के लिए वाहन मालिकों को वाहनों के चक्का के हिसाब से टैक्स का भुगतान कर अपने निबंधन पुस्तिका में विभाग द्वारा इंट्री कराना होगा तभी मान्य होगा। ट्रकों के सालाना फिटनेस प्रमाणपत्र व्यवस्था को भी समाप्त कर दिया गया है। अब इसकी जगह ऐसे प्रमाणपत्र दो साल में ही नवीनीकरण कराने की जरूरत होगी।

----------------

भारी वाहनों में लदान क्षमता बढ़ाने को लेकर केंद्र सरकार के आदेश पर विभागीय दिशा निर्देश प्राप्त हो गया है। फिलहाल दो वाहनों की लदान क्षमता बढ़ाई गई है। लदान क्षमता बढ़ाने के बाद वाहन मालिकों के लिए अनिवार्य है कि वे ऑनर बुक में इसकी इंट्री करा ले अन्यथा पकड़े जाने पर ओवरलोडिंग के जिम्मेवार होंगे।

- पंकज साव, जिला परिवहन अधिकारी

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप