यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 02, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बिशुनपुर पंचायत सचिवालय से सटे जोरिया नदी का अस्तित्व समाप्त के कगार पर
लेकिन ठीक उसका विपरीत तोपचांची प्रखंड के बिशुनपुर पंचायत सचिवालय से सटे जोरिया नदी की है। जल कुंभी के साथ ...और पढ़ें

मनोज स्वर्णकार, गोमो बाजार: पानी की हर एक बूंद सहेजने के लिए सरकार के द्वारा नदियां व तालाब को नामामि गंगे के तहत साफ सफाई पर जागरुक किया गया था।
लेकिन ठीक उसका विपरीत तोपचांची प्रखंड के बिशुनपुर पंचायत सचिवालय से सटे जोरिया नदी की है।
जल कुंभी के साथ साथ गंदगी का अंबार फैला हुआ है।इस वजह से रेलवे पम्पू तालाब से आने वाला पानी का धार गंदगी ने रोक दी है।
जबकि उक्त जोरिया नदी में पूरे पंचायत के महिला पुरुष कपड़ा धोने के साथ साथ स्नान किया करते थे।लेकिन जन प्रतिनिधियो की उदासीनता के कारण उक्त जोरिया नदी का अस्तित्व समाप्त के कगार पर है।
बिशुनपुर पंचायत में पानी की समस्या सबसे बिकराल है।उसके बाद भी इसे साफ सफाई नही कराया जा रहा है।
साफ सफाई के लिए गांव के ग्रामीणों ने दो माह पूर्व तोपचांची बीडीओ को पत्र देकर साफ कराने की मांग की थी लेकिन आज तक समस्या का समाधान नही हुआ।
विशुनपुर पंचायत में निर्वाध पानी की आपूर्ति कराने की बात सासंद सीपी चौधरी ने चुनाव के समय वादा किया था।उन्होंने लगभग दो माह तक निरंतर टैंकर से पानी देकर अपना वोट अपने पक्ष में लिया।उसके बाद पानी तो दूर लोगो से मिलना दुश्वार हो चुंका है।
क्या कहते है ग्रामीण...
मार्च माह से ही बिशुनपुर गांव में पानी की भारी किल्लत हो जाती है।गांव के नदियों को समय रहते नही संवारा गया तो आने वाले समय में पानी की ओर किल्लत हो जाएगी।
सूरज साव
ग्रामीण बिशुनपुर
गांव में पीने की पानी की घोर किल्लत है।स्थानीय प्रशासन अगर जोरिया नदी को साफ सफाई करा दे तो बहुत राहत मिलेगी।
सुभाष रविदास
ग्रामीण
जोरिया नदी में गंदगी का मालवा जगह जगह जमे होने के कारण पानी की धार को रोक दिया गया।इस कारण जोरिया नदी का अस्तित्व समाप्त होने के कगार पर है।
अरविंद सिंह उर्फ पिंटू
ग्रामीण बिशुनपुर
