चिरकुंडा : झारखंड रिफ्रैक्ट्री मेन्यूफेक्चरर्स एसोसिएशन चिरकुंडा शाखा ने खनन विभाग के तौर तरीकों पर चिता जताई है। खनन विभाग की कार्रवाई से रिफ्रैक्ट्री उद्योग के समक्ष उत्पन्न समस्या को लेकर एसोसिएशन उपायुक्त से मुलाकात कर वस्तु स्थिति से अवगत कराएगा। एसोसिएशन ने चिरकुंडा में आपातकालीन बैठक कर रिफ्रैक्ट्री उद्योग के समक्ष खनन विभाग से जुड़ी समस्याओं पर विचार विमर्श किया।

वक्ताओं ने कहा कि खनन विभाग जिस तरीके से रिफ्रेक्टरी उद्योग में छापेमारी कर ट्रेडर या कोलियरी से लिए कोयला को चोरी का कोयला बताकर प्राथमिकी दर्ज कर रहा है, उससे रिफ्रैक्ट्री उद्योग के संचालक परेशान हैं। एसोसिएशन के संयुक्त सचिव राजेश कुमार ने कहा कि अंबा सिरामिक के मालिक अमित अग्रवाल ने खनन विभाग द्वारा की गई छापेमारी के बारे में जानकारी दी कि उन्होंने रानीगंज से ट्रेडर द्वारा कोयला लिया था। बंगाल में माइनिग चालान नहीं दिया जाता है। जबकि खनन विभाग का कहना है कि सभी कोयला चोरी का है। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण यहां की इकाइयों में बंगाल के ट्रेडर या कोलियरी से कोयला आता है और उनके पास माइनिग चालान नहीं रहता है। खनन विभाग द्वारा जिस तरीके से परेशान किया जा रहा है उस पर चिता व्यक्त की गई कि कैसे प्रकार उद्योग का संचालन किया जाए। निर्णय लिया गया कि एक दो दिनों के अंदर एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल डीसी से मिलकर वस्तु स्थिति से अवगत कराएगा। जरूरत पड़ने पर एसोसिएशन रांची जाकर मुख्य सचिव सहित संबंधित अधिकारी से भी मिलेगा। बैठक में एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल अग्रवाल, सुशील गाडयान, बजरंग जालान, शरद अग्रवाल, राजेश कुमार, अजय शर्मा, संजू गुप्ता, नागेंद्र साव, अमित अग्रवाल, नीरज अग्रवाल, विश्वनाथ दास, संजीव मजूमदार, अजय साव आदि मौजूद थे।

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