धनबाद, जेएनएन। कोयलांचल के गोविंदपुर में 40 एकड़ जमीन पर टेक्सटाइल्स पार्क बनाया जाएगा। झरिया में धरती के नीचे कोयला में आग लगी हुई है। झरिया से उजडऩे वाले दस हजार लोगों को टेक्सटाइल्स पार्क में रोजगार दिया जाएगा। मेयर चंद्रशेखर अग्र्रवाल की पहल पर टेक्सटाइल्स पार्क में उद्योग स्थापित करने के लिए कोलकाता की कई कंपनियों ने भी रुचि दिखाई है।  झरिया मास्टर प्लान के तहत विस्थापित होने वाले लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने की संभावना पर बैठक के बाद उपायुक्त अमित कुमार ने बुधवार को टेक्सटाइल्स पार्क की स्थापना करने की घोषणा की।

उपायुक्त कार्यालय के सभागार में झरिया के त्वरित पुनर्वास के मसले पर धनबाद नगर निगम और टेक्सटाइल्स कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ लंबी बैठक की। बैठक में यह बात आई कि सिर्फ रोजगार ही वह मसला है जिसके कारण हजारों लोग झरिया को छोडऩा नहीं चाहते। उपायुक्त अमित कुमार बोले कि झरिया की दो लाख से अधिक आबादी को नए सिरे से बसाने के लिए सभी पहलुओं पर काम करने की जरुरत है। रोजगार अहम मसला है। इसी सोच के तहत सरकार चाहती है कि टेक्सटाइल्स पार्क की स्थापना हो। वहां टेक्सटाइल्स इंडस्ट्रीज को सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। धनबाद नगर निगम में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को टेक्सटाइल्स उद्योग से सीधे जोड़ा गया है। इस नाते टेक्सटाइल्स पार्क की स्थापना में धनबाद नगर निगम की भी बड़ी भूमिका होगी। कोलकाता से आए टेक्सटाइल्स उद्योग के प्रतिनिधि तमल शाह, आशीष वाजपेयी और बसंत गोयनका ने प्रजेंटेशन दिया।

पांच घंटे में बंदरगाह भेजे जा सकेंगे कपड़े : धनबाद के मेयर चंद्रशेखर अग्र्रवाल ने कहा कि यहां से टेक्सटाइल्स का निर्यात भी किया जा सकेगा। सिर्फ पांच घंटे में तैयार कपड़े कोलकाता बंदरगाह तक भेजे जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार की टेक्सटाइल्स नीति ऐसी है कि कोई भी उद्योग तेजी से तरक्की करेगा। टेक्सटाइल्स उद्योग को इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए। उद्योग विभाग के रविशंकर प्रसाद, उद्योग विभाग के रविशंकर प्रसाद, नगर आयुक्त चंद्र मोहन कश्यप, अपर समाहर्ता श्याम नारायण राम, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के निदेशक संजय भगत, अपर नगर आयुक्त संदीप कुमार ने भी टेक्सटाइल्स पार्क की स्थापना में यथासंभव सहयोग की बात कही।

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