बेरमो, जेएनएन। झारखंड के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने बड़ा एलान किया है। उन्होंने कहा है कि निजी विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों के मुकाबले सरकारी स्कूलों के छात्रों में प्रतिभा कम नहीं है। झारखंड की नाैकरियों में सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे अभिभावकों एवं बच्चों का रुझान सरकारी विद्यालयों के प्रति बढ़ेगा। साथ ही सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों की प्रतिभा की भी सराहना करते हुए बच्चों की प्रतिभा को संवारने की अपील की है। 

झारखंड में सरकारी विद्यालयों की शिक्षण व्यवस्था दुरुस्त के लिए शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने बीड़ा उठाया है। इस उद्देश्य से वे जगह-जगह शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ बैठक कर रहे हैं। मंगलवार को उन्होंने बोकारो जिले के भूषण उच्च विद्यालय नावाडीह एवं उत्क्रमित उच्च विद्यालय पलामू के परिसर में विभिन्न सरकारी विद्यालय के प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों एवं पारा शिक्षकों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि  सरकारी विद्यालय के शिक्षकों में काबलियत की कमी नहीं है। सभी अपनी काबलियत का सदुपयोग कर बच्चों की प्रतिभा को संवारें व निखारें, ताकि सरकारी विद्यालय के छात्र-छात्रा निजी विद्यालय के बच्चों से किसी भी मायने में पीछे न रहें।  उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार शिक्षकों की समस्या दूर करने की पहल कर रही है। पारा शिक्षकों के नियमितिकरण के प्रति भी सरकार गंभीर है। 

मंत्री ने कहा कि निजी विद्यालयों के बच्चों के मुकाबले सरकारी स्कूलों के बच्चों की प्रतिभा कम नहीं है। बस जरूरत है संवारने व निखारने की, जो शिक्षकों की जिम्मेवारी है। लॉकडाउन अवधि के दौरान स्कूल बंद हैं तो इस दौरान सभी शिक्षक घर-घर जाकर शिक्षा के प्रति अभिभावकों व बच्चों को जागरूक करें। उनका प्रयास है कि  सरकारी विद्यालय से शिक्षा अर्जित करनेवाले युवाओं को राज्य की सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता दी जाए। इससे अभिभावकों एवं बच्चों का रुझान सरकारी विद्यालयों के प्रति बढ़ेगा। मौके पर नावाडीह प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी विनोद प्रसाद मोदी, प्रधानाध्यापक अखिलेश सिंह, शिक्षकों में दिनेश लाल, ललन कुमार, राजेश महतो, कुलदीप महतो, बालगोविंद आदि उपस्थित थे। 

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