धनबाद, जेएनएन : पढ़ाई छोड़कर स्कूलों से मुंह मोड़ने वाले बच्चों की अब फिर से स्कूल वापसी की जाएगी। बच्चे अपनी पढ़ाई अनवरत जारी रख सके इसके लिए अब उन्हें आर्थिक रूप से प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि उनकी पढ़ाई बीच में न रूके। झारखंड शिक्षा परियोजना अब इसको सुनिश्चित करने जा रहा है। राज्य के प्रारंभिक शिक्षा के सर्वव्यापीकरण हेतु केंद्र तथा राज्य सरकार की ओर से संयुक्त रूप से सार्थक प्रयास किया गया है।

जिसके कारण विद्यालयी सुविधा में काफी विस्तार हुआ है साथ बच्चों के नामांकन में भी काफी वृद्धि हुई है। बावजूद इसके बच्चों का विद्यालय में ठहराव में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया है। पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले बच्चे प्राय वैसे समूह जो सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक, भौगोलिक, भाषाई, लैंगिक या अन्य कई कारणों की वजह से सुविधा विहिन स्थिति में हैं, या उस वर्ग से आते हैं।

इन बच्चों का विद्यालय में उपस्थिति तथा ठहराव सुनिश्चित करने हेतु अतिरिक्त प्रोत्साहन स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की ओर से एक से आठ कक्षा के बाद अब नौवीं से 12वीं कक्षाओं में अध्ययनरत सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रवृति देगा।

इस योजना के तहत जिले के उन छात्र-छात्राओं को आच्छादित किया जाना है जिन्हें वर्तमान में संचालित किसी भी अन्य योजना से छात्रवृति अथवा अनुदान प्रदान नहीं किया गया है। धनबाद जिले में कक्षा नौंवी से लेकर 12वीं तक के सामान्य वर्ग के कुल 3685 छात्र-छात्राओं को छात्रवृति दी जाएगी। इन सभी छात्रों को कक्षा के हिसाब से छात्रवृति दी जाएगी। कक्षा नौवीं व दसवीं के छात्र-छात्राओं को 1500 रुपये तथा 11वीं व 12वीं के छात्र-छात्राओं को 2300 रूपये छात्रवृति 10 माह तक भुगतान किया जाएगा। इस संबंध में परियोजना निदेशक डा. शैलेश कुमार चौरसिया ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश जारी कर दिया है। उन्होंने कहा है कि पीएफएमएस पोर्टल पर 15 मई तक जानकारी उपलबध कराने को कहा है। 

जिले में इतने छात्र-छात्राओं को मिलेगी छात्रवृति

कक्षा  - छात्र  - छात्राएं

नौवीं  -  589  - 849

दसवीं -  488  - 740

ग्यारहवीं - 329 - 325

बारहवीं -  171 - 194