धनबाद (गोविंदनाथ शर्मा)। Jharia Assembly seat झरिया विधानसभा सीट पर सिंह मेंशन परिवार का चार दशक से भी अधिक समय से कब्जा रहा है। एकीकृत बिहार में वर्ष 1977 में पहली बार जनता पार्टी के टिकट पर सूर्यदेव सिंह यहां से विधायक बने थे। इसके बाद वे लगातार 14 वषों तक 1977 से 1997 तक यहां के विधायक रहे। लगातार चार चुनाव 1977, 80, 85 व 90 में झरिया विधानसभा सीट से जीत हासिल की।

लोकसभा चुनाव लड़ने के बाद सूर्यदेव सिंह का 15 जून 1991 को बलिया (यूपी) के पैतृक गांव गोन्हिया छपरा में दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। इसी वर्ष जनता दल के कद्दावर नेता जामाडोबा निवासी राजू यादव की हत्या दिल्ली में आयोजित लालू प्रसाद यादव की जनता दल की रैली में जाने के दौरान मुगलसराय स्टेशन पर गोली मारकर कर दी गई। राजू के परिजनों ने हत्या का आरोप सिंह मैंशन पर लगाया।

पहली बार विधायक बनी आबो ने सिंह मैंशन की राजनीतिक नींव को हिला दिया

इधर, सूर्यदेव के निधन के बाद वर्ष 1991 में झरिया विधानसभा में उपचुनाव हुआ। सूर्यदेव के अनुज बच्चा सिंह झरिया से चुनाव लड़े। वहीं दूसरी ओर जनता दल के टिकट पर राजू यादव की विधवा पत्नी आबो देवी भी चुनाव लड़ीं। झरिया में लगातार 14 वषों से विधायक रहे सिंह मैंशन के सूर्यदेव के गढ़ में परचम लहराते हुए आबो देवी ने बच्चा सिंह को हरा दिया। आबो देवी ने झरिया से विधायक बनकर पहली बार सिंह मैंशन की राजनीतिक नींव को हिला दिया था।

दूसरी बार जीतकर आबो बनीं मंत्री : एकीकृत बिहार में झरिया सीट से 1995 के विधानसभा चुनाव में आबो देवी फिर चुनाव लड़ीं। इस बार भी उन्होंने बच्चा सिंह को हरा दिया। लगातार दो बार जीत हासिल करने के बाद जनता दल के सुप्रीमो तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने आबो देवी को बिहार सरकार में ग्रामीण विकास राज्यमंत्री बनाया। इसके बाद भी आबो चुनाव लड़ीं, लेकिन जीत हासिल नहीं हुई।

Posted By: Sagar Singh

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