जागरण संवाददाता, धनबाद: नया बाजार निवासी शोएब आलम से 10 लाख रंगदारी मांगने के नामजद आरोपित गैंग्स ऑफ वासेपुर के फहीम खान के पुत्र रज्जन खान ने गुरुवार को पुलिसिया दबाव से तंग आकर अदालत में सरेंडर कर दिया है। धनबाद के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी राजीव रंजन की अदालत ने रज्जन के अधिवक्ता शाहबाज की दलील सुनने के बाद मूल अभिलेख की मांग करते हुए जमानत अर्जी पर सुनवाई केलिए 12 नवंबर की तारीख निर्धारित कर दी है। वहीं अदालत ने रज्जन को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

बताते हैं कि रज्जन की अग्रिम जमानत अर्जी सत्र न्यायालय से खारिज हो चुकी है। वहीं दूसरी ओर इस मामले में जेल में बंद फहीम के पुत्र इकबाल खान को भी सीएस के द्वारा प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी की कोर्ट में पेश किया गया। वहीं भांजे बंटी खान, प्रिंस खान तथा गोडविन खान की आज पेशी नहीं हो सकी। इम्तियाज खान अदालत में हाजिर था। अदालत ने अभियोजन को गवाह पेश करने का निर्देश देते हुए अगली तारीख निर्धारित कर दी है। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता उदय कुमार भट्ट एवं शाहबाज सलाम ने पैरवी की। गौरतलब है कि रमजान मंजिल नया बाजार निवासी शोएब आलम ने फहीम खान के पुत्र रज्जन खान, इकबाल खान, भांजा प्रिंस खान, बंटी खान एवं गोडविन के खिलाफ बैंक मोड़ थाने में रंगदारी की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी के मुताबिक सात फरवरी 20 18 को उपरोक्त आरोपियों ने शोएब आलम से 10 लाख रुपये रंगदारी की मांग की थी।

रंजय हत्याकांड में मामा की हुई पेशी: रंजय सिंह हत्याकांड के आरोपित जेल में बंद आरा बेरथ निवासी नंद कुमार सिंह उर्फ बबलू उर्फ रूना सिंह उर्फ मामा को वीडियो कांफ्रेसिंग द्वारा गुरुवार को धनबाद के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी राजीव रंजन की अदालत में पेश किया गया। तकनीकी कारणों से पुलिस द्वारा एकत्र किए गए दस्तावेजों की आपूर्ति नहीं की जा सकी। अदालत ने सुनवाई के लिए अगली तारीख निर्धारित कर दी है।

बतातें हैं कि पांच नवंबर को पुलिस ने मामा को शूटर बताते हुए उसके खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दायर किया था। जबकि चंदन शर्मा व हरेन्द्र सिंह व हर्ष सिंह के खिलाफ अनुसंधान जारी रखा था। छह नवंबर को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी राजीव रंजन की अदालत ने मामा के खिलाफ प्रथम मामला सत्य पाते संज्ञान लिया था। अदालत ने पुलिस द्वारा अनुसंधान मे एकत्र किए गए दस्तावेजों व गवाहों के बयान की प्रतिलिपि आरोपित को देने के लिए आठ नवंबर की तारीख निर्धारित की थी।

मालूम हो कि विधायक संजीव सिंह केकरीबी रंजय सिंह उर्फ राजीव रंजन सिंह की हत्या बिग बाजार के सामने चाणक्य नगर मोड़ पर 29 जनवरी 2017 के संध्या करीब 5:30 बजे रामेश्वर तिवारी के घर के समीप गोलियों से भून कर दी गई थी। 

Posted By: Deepak Pandey

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