जागरण संवाददाता, धनबाद:  शुक्रवार की सुबह गोविंदुपर के आसमनी गांव में हुई एक घटना के दौरान एक आदिवासी बच्चे के कई अंगों में लोहे का सरिया घुस गया। जिससे उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।

घटना के बाद स्थानीय मुखिया ने ग्रामीणों के सहयोग से बच्चे को जिला मुख्यालय स्थित शहीद निर्मल महतो मेडिकल कालेज एंव अस्पताल पहुंचाया। जहां डाक्टरों ने दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आपरेशन कर उसके शरीर मे घुसे हुए सरिया को निकाल दिया है। लेकिन अभी भी उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। डाक्टरों की माने तो अगले चौबीस घंटे बच्चे के जीवन के बहुत की महत्वपूर्ण है।

जानकारी के अनुसार चौदह वर्षीय विकास हेम्ब्रम नाम का यह बच्चा अपने गांव में ही एक अमरूद के पेड़ पर फल तोड़ने के लिए चढ़ा था। इसी बीच एक कमजोर डाली पर उसका पैर पड़ने वह फिसल कर गिर पड़ा। जहां वह गिरा वहीं एक घर की चाहरदीवारी के निर्माण के लिए सरिया रखा हुआ था। जो उसके शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों में घुस गया। जैसे ही इसकी जानकारी स्थानीय मुखिया को हुई, उसने मानवता के परिचय देते हुए तुरंत एक आटो वालो को बुलाया और ग्रामीणों की मदद से उसे धनबाद ले आया।

मुखिया ने बताया कि बच्चे के पिता का देहांत कुछ साल पहले ही हो गया था। जबकि उसकी मां आस पास के घरों में चुल्हा चौका कर अपने परिवार का पेट पालती है।

इसी बीच डा संजय कुमार चौरसिया के नेतृत्व में मेडिकल कालेज के चार डाक्टरों की एक टीम ने करीब दो घंटे आपरेशन कर घायल बच्चे के शरीर में घुसे तीनों सरिया को बाहर निकाल दिया है। लेकिन उनके अनुसार अभी भी बच्चे की हालत गंभीर बनी हुई है। डा चौरसिया ने बताया कि सरिया घुसने से बच्चे लंग्स, आंत और लीवर बुरी तरह से डैमेज हो गए हैं। अंदरूनी रक्तस्राव भी काफी मात्रा में हो गया है। हालांकि सरिया निकाल देने के बाद उसे आपाताकालीन कक्ष में भर्ती कर इजाल किया जा रहा है। लेकिन उसे बचने की संभावना के बारे में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।

Edited By: Atul Singh