यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 19, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अलौकिक छटा बिखेर रहा कतरास के कतरी नदी तट अवस्थित सूर्य मंदिर
कतरास कतरास में कतरी नदी तट की शोभा निराली है। एक तरफ नदी में बहता जल दूसरी ओर इ

कतरास: कतरास में कतरी नदी तट की शोभा निराली है। एक तरफ नदी में बहता जल, दूसरी ओर इसके तट पर सूर्यदेव का भव्य मंदिर अलौकिक छटा बिखेर रहा है। मंदिर से निकलने वाली रंग बिरंगी रोशनी श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। यूं तो सालों भर मंदिर में श्रद्धालु आते हैं लेकिन छठ व्रत में हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर में माथा टेक कर अपने और स्वजनों की खुशहाली की मन्नत मांगते हैं। ऐसा लोगों में विश्वास है कि इस मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की मंशा सूर्यदेव पूरी करते हैं। छठ घाट व नदी की पूरी साफ सफाई की गई है। मुख्य सड़क से घाट तक जाने वाले रास्ते पर सफाई व विद्युत प्रकाश की व्यवस्था की गई है। इस घाट पर व्रती समेत करीब दस हजार श्रद्धालु पहुंचते हैं। कतरास शहर के विभिन्न मोहल्ले के अलावा, अंगारपथरा, वेस्ट मोदीडीह, लकड़का, छाताबाद, सलानपुर, भंडारीडीह, छाताबाद, सिजुआ सहित कई जगह के छठ व्रती कतरी नदी तट पर आते हैं।
-----
एसडीएम ने पूजा समिति व स्थानीय प्रशासन को दिए आवश्यक निर्देंश
एसडीएम सुरेंद्र प्रसाद बुधवार की शाम कतरी नदी के तट पर पहुंचे। यहां सूर्य मंदिर के आस पास व छठ घाट का मुआयना किया। एक तरफ उन्होंने जहां व्रतियों की सुविधा पर जोर दिया वहीं पूजा समिति के लोगों को सरकारी दिशा निर्देशों के अनुपालन की जिम्मेवारी का अहसास कराया। समिति के लोगों से कहा कि शारीरिक दूरी और मास्क है जरूरी। इसके लिए पूजा समिति, अंगारपथरा व कतरास थाने की पुलिस को आवश्यक निर्देश दिए। घाट के आस पास किसी तरह स्टॉल नहीं लगने देने को कहा। कोविड को ध्यान में रखते हुए सर्तकता जरूरी बताया। मौके पर बीडीओ सुनील प्रजापति, कतरास थानेदार रासबिहारी लाल, इंस्पेक्टर भिखारी राम सहित निरीक्षण के दौरान मौजूद थे।
