धनबाद, जेएनएन: बीएसएनएल के एक पूर्व एसडीओ सतीश चंद्र प्रसाद सिन्हा के पत्नी शीला सिन्हा की हत्या से पूर्व अपराधियों ने उनके घर में तेज आवाज में म्यूजिक बजा दिया था ताकि आवाज घर से बाहर नहीं निकल सके। घर के बाहर बरामदे पर चुपकर रवि साव का दोस्त आकाश केसरी बैठा हुआ था। उसे इसलिए बैठाया गया था ताकि अगर दूसरे किराएदार का कोई सदस्य आ जाए या फिर कोई अन्य तो इसका संकेत शीला सिन्हा के कमरे में घुसे राजकुमार उसकी पत्नी और रवि साव को आसानी से दिया जा सके। शीला सिन्हा की हत्या की फुल प्रूफ प्लानिंग अपराधियों ने की थी और सभी अपनी प्लानिंग में सफल भी हो गए थे। जब पुलिस ने संदेह के आधार पर राजकुमार उसकी पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की और राजकुमार के मोबाइल का सीडीआर निकाला। तो राजकुमार ने शाम 4:00 बजे से लेकर 6:00 के बीच रवि साहू से कई बार बातचीत किए थे। हालांकि रवि साव ने भी राजकुमार को तीन फोन किया था। जब पुलिस ने राजकुमार से रवि साव के बारे में पूछा तो। राजकुमार ने कहा कि वह सुरक्षा गार्ड है और उसके साथ ही काम करता है। काम के सिलसिले में ही उससे उसकी बातचीत हुई थी। रवि साव अभी नौकरी नहीं कर रहा है, गार्ड की नौकरी ढूंढ रहा था। इसलिए उसने भी फोन किया और हम भी उसको फोन किए। राजकुमार का यह बयान पुलिस को नहीं पचा और पुलिस रवि साव को भी पूछताछ के लिए थाना ले आई। जब सभी को अलग-अलग कमरे में पुलिस पूछताछ शुरू की। तो एक दूसरे का विरोधाभास बयान उन लोगों के लिए गले का फांस बनता गया। अंत में पुलिस जब कड़ाई से पूछताछ शुरू की तो सभी टूट गए और अपना गुनाह कबूल कर लिया। शुरुआत में पुलिस को इस बात का जरा भी इल्म नहीं था, कि 3 वर्षों से घर से रह रहे एक किराएदार अपने मकान मालकिन की इस तरह से हृदयविदारक दर्दनाक मौत दे सकता है।  पुलिस इस मामले में कुछ और जानकारी जुटाएगी। इसके लिए राजकुमार रवि साव समेत सभी आरोपितों को रिमांड पर लेने की तैयारी भी की है।