जागरण संवाददाता, धनबाद: चर्चित फिल्म गैंग्स ऑफ वासेपुर के लेखक और अभिनेता जीशान कादरी ने बोकारो के एक एनआरआइ द्वारा लगाए गए 80 लाख रुपये की ठगी के आरोप को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है। उन्होंने मुंबई से दूरभाष पर बातचीत करते हुए कहा कि वे आरोप लगानेवाले पर चार करोड़ की मानहानि का दावा कर रहे हैं। इसके लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

गौरतलब है कि बोकारो के को-ऑपरेटिव कॉलोनी निवासी एनआरआइ अभिनव शर्मा ने वहां के सिटी थाने में जीशान कादरी के साथ फिल्म उद्योग से जुडे रोहित खेतान, सुनील थापरे और अकबर कादरी पर फिल्म बनाने के नाम पर 80 लाख रुपये ठगने का आरोप लगाया है। पुलिस को दिए गए आवेदन में अभिनव ने कहा है कि उपरोक्त लोग उससे मिले और अली नामक फिल्म बनाने के लिए 80 लाख रुपये मांगे थे लेकिन उन्होंने न तो फिल्म बनाया और न ही राशि वापस ली।

इस बाबत जीशान कादरी का कहना है कि अभिनव वर्मा ने अली फिल्म बनाने के लिए उन्हें नहीं बल्कि अकबर कादरी को दो किश्तों में साढ़े आठ लाख रुपये दिए थे। यह एक शॉर्ट फिल्म थी जो बनी भी। 2014 के दिसंबर में दिल्ली इंटरनेशनल फिल्म फेस्टीवल में इस फिल्म के बाल कलाकार को बेस्ट एक्टर का अवार्ड भी मिला। पैसा देने के एवज में अभिनव वर्मा ने शर्त रखी थी कि उन्हें फिल्म में को-प्रोड्यूसर बनाया जाए। इसका पालन करते हुए न सिर्फ फिल्म बनाई गई बल्कि उनका नाम को-प्रोड्यूसर के रूप में कॉस्टिंग में भी दिया गया। फिल्म की डीवीडी भी अभिनव वर्मा को उनके दिल्ली स्थित घर पर दी गई थी। इसके बावजूद वे अब साढ़े आठ लाख के बदले 80 लाख रुपये लेने का निराधार आरोप लगाते हुए धमकी दे रहे हैं। इसको लेकर वे अभिनव वर्मा और आशुतोष वर्मा पर चार करोड़ की मानहानि का दावा कर रहे हैं। इस निराधार आरोप से उनकी छवि को काफी नुकसान पहुंचा है और वे न्याय मांगने के लिए कोर्ट जा रहे हैं। वकील के माध्यम से वे अभिनव को नोटिस भेज रहे हैं।  

Posted By: mritunjay

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