मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

जागरण संवाददाता, धनबाद। चहुंओर हरे-भरे आंगन में रंग-बिरंगे फूल, चीं-चीं करती चिड़िया, कल-कल बहती नदियां, वन में गर्जन करते दहाड़ते सिंह, उछलते-कूदते हिरण, खरगोश, पंख फैलाकर नाचते मोर जैसे मोहक वातावरण में जन्म लेने को देवता भी ललचाते हैं। आज उसी पृथ्वी को बचाने के लिए हम 47 साल से ‘पृथ्वी दिवस’ मना रहे हैं। इसकी जरूरत इसलिए पड़ी कि अगर समय रहते नहीं चेते तो पृथ्वी से पहले हम मिट जाएंगे।

मौसम में बदलाव, नदियों में बाढ़, चक्रवात, ग्लेशियर का पिघलना, जीव-जंतुओं का विलुप्त होना, ओजोन परत का तार-तार होना, ग्लोबल वार्मिग पैदा करनेवाली गैसों का बढ़ना, यह चंद उदाहरण ऐसे हैं जिसकी वजह से पृथ्वी दिवस का महत्व बढ़ता जा रहा है। फिलहाल, पर्यावरण के प्रति सजगता के लिए सरकार के साथ आमजन की व्यापक भागीदारी की भी जरूरत है। धनबाद की बात करें तो यहां कोयला खदानों, उद्योगों और कंक्रीट के जंगलों के कारण हरियाली छिन गई।

कभी धनबाद को देश के अति प्रदूषित शहरों की सूची में 13वें स्थान पर रखा गया था। हालांकि, करीब तीन वर्ष के प्रयास के बाद धनबाद के सिर से इसका दाग धुला, फिर भी पर्यावरण पर असर दिख रहा है। विकास की अंधी दौड़ में हम अपनी ही सुरक्षा भूल गए हैं। पर्यावरण को लगातार नुकसान पहुंचाते हुए हम विकास का काम कर रहे पर अब यह सोचने की जरूरत आन पड़ी है कि हम विनाश की शर्त पर तो विकास नहीं कर रहे हैं। 

आइए, अब करें कुछ ठोस प्रयास

-वायु प्रदूषण को रोकने के लिए साइकिल से दफ्तर जाएं या फिर पब्लिक ट्रांसपोर्ट का सहारा लें।

-कॉफी या चाय पीएं तो दोबारा इस्तेमाल किए जाने वाले कप का इस्तेमाल करें।

-हमेशा पेपरलेस होकर काम करें।

-शॉपिंग करने जाएं तो जूट का बैग लेकर जाएं।

-अपने घर में फल और सब्जियां लगाएं।

-साल में एक पौधा जरूर लगाएं।

-किचन गार्डन और टेरेस गार्डन को बढ़ावा दें।

-पशु-पक्षियों के लिए एक निर्धारित स्थल पर पानी रखें।

-जैविक खेती को बढ़ावा दें।

-रासायनिक और कीटनाशक का कम प्रयोग करें।

-दामोदर बचाओ जैसे अभियान को तेज करें।

-पॉलिथीन के उपयोग को नकारें।

-कागज का इस्तेमाल कम करें और रिसाइकल प्रक्रिया को बढ़ावा दें।
 

इसलिए हर साल मनाया जाता है पृथ्वी दिवस

22 अप्रैल को पूरी दुनिया में मनाया जाता है। इसकी शुरुआत अमेरिकी सीनेटर गेराल्ड नेल्सन ने वर्ष 1970 में एक पर्यावरण शिक्षक के रूप में की और अब इसे 192 से अधिक देशों में हर साल मनाया जाता है। करीब एक अरब लोग इस दिन हर साल पृथ्वी दिवस में हिस्सा लेते हैं। इस वर्ष पृथ्वी दिवस की थीम पर्यावरण और जलवायु साक्षरता है। दरअसल, ग्लोबल वार्मिग बढ़ने से कई द्वीपों के अस्तित्व पर खतरा उत्पन्न हो गया है। ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में कमी लाने की जरूरत है।
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Posted By: Sachin Mishra

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