आज़ाद नगर स्थित लिट्ल एंजल मांटेसरी में दैनिक जागरण संस्कारशाला का आयोजन

भूली : दैनिक जागरण के अभियान संस्कारशाला का आयोजन आज़ाद नगर स्थित लिट्ल एंजल मांटेसरी में किया गया। दैनिक जागरण संस्कारशाला में प्रकाशित कहानी व्हाट्सऐप का सही इस्तेमाल करने को बताया गया। बुधवार को विद्यालय में बच्चों ने इस कहानी को बड़े ही ध्यान से सुना। कहानी के मुख्य पात्र सौरभ का स्वभाव व उसकी रुचियों से विद्यार्थी बहुत प्रभावित हुए। उन्होंने जाना कि हमें पशु-पक्षियों के साथ ही प्रकृति से लगाव रखना चाहिए। तकनीक का अगर बेहतर ढंग से इस्तेमाल किया जाए तो कई तरह की समस्याओं का समाधान चुटकियों में किया जा सकता है। बच्चों को सबसे अच्छा प्रसंग मोतियाबिंद की लगी। जिसमें ऑपरेशन के बाद जब सौरभ के पापा की आख अचानक लाल पड़ जाती है। उसकी मम्मी काफी घबरा उठती हैं। तब सौरभ तुरंत ही डॉक्टर से फोन पर बात करता है। डॉक्टर कहते हैं कि पापा की आख की तस्वीर खींचकर भेज दो। इस पर सौरभ की मम्मी को चिंता होती है कि फोटो कैसे भेजा जाएगा। सौरभ की सूझबूझ से समस्या हल हो जाती है। वह व्हाट्सऐप चलाना जानता था। और खींचकर डॉक्टर को व्हाट्सऐप कर देता है। इस तरह से डॉक्टर की क्लीनिक पर दौड़ नहीं लगानी पड़ती और समस्या का निदान घर बैठे हो जाता है। इस पूरी कहानी में सौरभ की सहपाठी बालिका निवेदिता की भूमिका को भी बच्चों ने बहुत महत्वपूर्ण माना। इन बच्चों की वजह से ही दो परिवारों के बीच निकटता कायम हो सकी।

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जागरण संस्कारशाला की कहानिया प्रेरक और शिक्षा देने योग्य हैं। इन कहानियों से बच्चों का मानसिक विकास होता है। जागरण हमेशा से ही अपने सामाजिक प्रति समर्पित समाचार पत्र रहा है। संस्कारशाला वास्तव में बच्चों को संस्कारित बना रही है।

मिस मीरा, प्राचार्य .

Posted By: Jagran

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