धनबाद, जेएनएन। बरहड़वा नगर पंचायत में ठेका-पट्टी को लेकर विवाद में घिरे झारखंड के ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री आलमगीर आलम ने सफाई दी है। उन्होंने कहा है कि वायरल ऑडियो में वे किसी की पैरवी नहीं कर रहे थे। जनता के हित की बात की है। वे जनता के साथ हैं और जनता के साथ ही रहेंगे। इस मामले को भाजपा के लोग बेवजह तूल दे रहे हैं। उनके पास कोई मुद्दा नहीं है। 

पाकुड़ से रांची जाने के क्रम में मंत्री आलम धनबाद सर्किट हाउस में मीडिया से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा-फोन करने वाले ने उन्हें मामा कह कर संबोधित किया था और इसके जवाब में उन्होंने भी उसे मामा कहा। मंत्री ने बताया कि उन्होंने जनता के हित में काम करने की बात कही थी। उनके पास आने वाले लोग भी दूसरे दलों के हैं, लेकिन वे मंत्री होने के नाते लोगों का साथ दे रहे हैं। आलम ने कहा कि यदि जनता का साथ देना गलत है तो वे ये गलती हमेशा करते रहेंगे। उन्होंने गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे का नाम लिए बैगर कहा कि जो लोग इस मामले को तूल दे रहे हैं वे खुद बताएं कि इसमें उनकी भूमिका क्या है। पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी द्वारा मामले की लोकायुक्त से जांच कराने के सवाल पर कहा कि वे जांच के लिए तैयार हैं।

मनरेगा मजदूरी 300 रुपये करने की मांग

ग्रामीण विकास मंत्री आलम ने कहा है कि झारखंड सरकार ने केंद्र सरकार से मनरेगा मजदूरी 300 रुपये करने की मांग की है। इसके साथ ही एक सौ दिन के बजाए तीन सौ दिनों का काम देने की भी मांग की गई है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार 172 रुपये मजदूरी दे रही है। कोरोना संक्रमण काल में काफी संख्या में मजदूरों की वापसी हुई है। ऐसे में उन्हें गांव में ही रोजगार मिले और सम्मान जनक राशि प्राप्त हो इसके लिए झारखंड सरकार ने उपरोक्त मांग केंद्र सरकार से की है।

मनरेगा में बिचाैलिया हावी

आलम ने बताया कि राज्य में वापस आए 7.80 लाख प्रवासी कामगारों को मनरेगा के तहत काम दिया गया है। उन्होंने माना की मनरेगा की योजनाओं में बिचौलिया हावी हैं। ऐसे लोगों पर कार्रवाई का पूरा भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि यदि मनरेगा का कार्य मशीन से किया जा रहा है तो लाभुक समेत सभी पर कार्रवाई की जाएगा। वापस आए कामगारों का एक सर्वेक्षण भी किया गया। इसके तहत यह पता चला है कि 65 फीसद प्रवासी मजदूर स्कील्ड हैं, जिन्हें बाहर राज्यों की कंपनियां फोन कर वापस बुला रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कामगारों की सुरक्षा, आने-जाने की व्यवस्था, खान पान और स्वास्थ्य की आवश्यकताओं को देखते हुए झारखंड सरकार ने इन कंपनियों से सरकार के साथ एमओयू करने का ऑफर दिया है। ताकि यहां के मजदूर यदि वापस जाते हैं तो उन्हें पूरी सुविधा और संरक्षा मिल सके।

सभी को मिलेगा फलदार वृक्ष लगाने की योजना का लाभ

मंत्री आलम ने कहा कि फलदार वृक्ष लगाने की एक योजना सरकार संचालित कर रही है। इसमें केवल पांच एकड़ अथवा उससे अधिक जमीन वाले को ही लाभ नहीं मिलेगा, बल्कि सभी किसान जो अपनी जमीन इस योजना के तहत देना चाहते हैं उन्हें भी लाभ दिया जाएगा। 

एक सप्ताह में जिप चेयरमैन-डीडीसी विवाद का निपटारा

धनबाद जिला परिषद चेयरमैन रोबिन गोराई और उपविकास आयुक्त बाल किशुन मुंडा के बीच उत्पन्न विवाद पर मंत्री आलम ने कहा कि एक सप्ताह के अंदर इस विवाद के निपटारे को समाप्त कर ग्रामीण विकास की योजनाओं को लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस विवाद की जानकारी उन्हें भी है। डीडीसी और जनप्रतिनिधि को एक टीम भावना से काम करना चाहिए। ताकि लोगों को सुविधाएं मिल सके।

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