धनबाद, जेएनएन। गोरखपुर से हटिया जा रही मौर्य एक्सप्रेस में लुटेरों से भिड़ी महिला को चलती ट्रेन से फेंक दिया गया। जसीडीह स्टेशन के पास हुई घटना के बाद रेलवे की हेल्पलाइन नंबर 182 पर लगातार कॉल करने के बाद भी मदद नहीं मिली। बाद में परिजनों को सूचना मिलने पर घटना स्थल पर पहुंचे और महिला को धनबाद लाया। उन्हें कार्मिक नगर के जिम्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।

जानें, क्या है मामला

रात के तकरीबन 12 बजे चलती ट्रेन में दो लड़के पर्स लेने के लिए झपटे। इसके बाद भी दूसरे यात्री खामोश रहे। उमा देवी ने साहस दिखाया और अकेले ही उनसे भिड़ गई। इस बीच, महिला से धक्का मुक्की होने लगी। साथ बैठी बेटी ने भी चिल्लाना शुरू किया। फिर भी कोई मदद को नहीं आया। पर्स छीना झपटी के बीच दोनों ने महिला को चलती ट्रेन से नीचे धकेल दिया। उसके बाद क्या हुआ कुछ भी मालूम नहीं। कहते कहते महिला की आंखें नम हो गई।

182 पर नहीं लगा कॉल, दिल्ली कॉल करने पर कहा टीटीई को बताएं

भुक्तभोगी महिला के बेटे रोहित का कहना है कि पहले काफी देर तक 182 पर कॉल लगाया, पर लगा ही नहीं। फिर गूगल से रेलवे की दिल्ली हेल्पलाइन का नंबर ढूंढ कर निकाला। उस पर कॉल करने पर कहा गया कि लोकल टीटीई से बात कर लें।

फोन पर रेल पुलिस से नोक झोंक 

काफी देर बाद जसीडीह रेल पुलिस की महिला ने रोहित को कॉल किया और महिला के बारे में पूछताछ करने लगे। रोहित का कहना था पहले मेरी मां को हॉस्पिटल में एडमिट करा दिया जाए। इस पर रेल पुलिस के साथ फोन पर नोक झोंक भी हुई।

धनबाद के हॉस्पिटल में भर्ती

पूरा परिवार रातभर परेशान रहा। रात में ही जसीडीह रवाना हुए और आज सुबह धनबाद के जिम्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। 

Posted By: Sachin Mishra