संस, सिदरी : बीआइटी सिदरी में 92-96 बैच के पूर्ववर्ती विद्यार्थियों का समागम कार्यक्रम परस्पर सहयोग करने के संकल्प के साथ रविवार को संपन्न हो गया। सम्मेलन में भारत ही नहीं विदेशों की नामी-गिरामी कंपनी में काम करनेवाले पूर्ववर्ती विद्यार्थी एक दूसरे से मिलकर बीते दिनों की याद ताजा कर दी।

कार्यक्रम का आयोजन बीआइटी सिदरी एलुमनी एसोसिएशन सिविल अभियंत्रण ब्रांच के पूर्ववर्ती विद्यार्थियों की ओर से किया गया था। समागम में देश दुनिया में अपनी प्रतिभा का डंका बजाने वाले दर्जनों पूर्ववर्ती छात्रों ने शिरकत की। प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट अधिकारी डाक्टर घनश्याम और विभागाध्यक्ष सिविल रणविजय सिंह ने पूर्ववर्ती छात्रों का गर्मजोशी से स्वागत किया। कर्नल जया रानी एलुमनी ने युवा छात्रों को भारत की सेवा करने के लिए प्रेरित किया। अंजन भूषण, अमित बंसल, राकेश झा आदि ने अपने जीवन के सफर और कठिनाइयों के अनुभव को समागम में साझा किया। आर्गनोन के निदेशक अभय तिवारी, सेल एचआरडी के कार्यकारी अभियंता किरण सिंहा, पीडब्ल्यूडी पश्चिम बंगाल के कार्यकारी अभियंता चंदन झा, मेकन रांची की शिल्पी प्रधान, हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स के जीएम रविशंकर, भारतीय रेल के मुख्य अभियंता धर्मेंद्र मिश्रा आदि ने भी अपने क्षेत्र के अनुभवों को साझा किया। सभी एलुमनी को मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। सभी ने भविष्य में संस्थान हित में काम करने का संकल्प लिया।

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छात्रों का नजरिया हमेशा ऊंची उड़ान की ओर होनी चाहिए : अभय

बीआइटी सिदरी के सिविल अभियंत्रण ब्रांच के 92-96 बैच के पूर्ववर्ती छात्र सह बीआइटी सिदरी एलुमनी एसोसिएशन नार्थ अमेरिका चेप्टर के अभय तिवारी यूनाइटेड स्टेट से आए। अभय ने कहा कि सेवा का मूल्य समझना चाहिए। अभियंत्रण छात्रों का नजरिया हमेशा उंची उड़ान की ओर होनी चाहिए। सफलता उनके कदम चूमेगी।

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बीआइटी के छात्रों को करुंगी हर संभव मदद : जया रानी

बीआइटी सिदरी की पूर्ववर्ती छात्रा कर्नल जया रानी ने भारतीय थल सेना में 24 वर्षों तक काम किया। कर्नल जया भारतीय थल सेना में ज्वाइन करने वाली बिहार की पहली महिला थी। उन्होंने कहा कि 2021 में उन्होंने प्री- मेच्योर रिटायरमेंट ले लिया। अब दिल्ली में परिवार की साथ रह रही हैं। उन्होंने बीआइटी सिदरी के छात्रों को हर संभव मदद करने की पेशकश की।

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बीआइटी के छात्रों को कैंपस सलेक्शन में सभी करें सहयोग : रविशंकर

सिविल इंजीनियरिग ब्रांच के एलुमनी मीट समारोह में पहुंचे हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स के महाप्रबंधक योजना रविशंकर ने कहा कि वे बीआइटी सिदरी से निकलने के बाद एमबीए किया। निरंतर कड़ी मेहनत की बदौलत इस मुकाम को हासिल किया। उन्होंने विश्व के हरेक देशों में परचम लहरा रहे बीआइटी सिदरी के पूर्ववर्ती छात्रों से अपील की कि वे बीआइटी के छात्रों को कैंपस प्लेसमेंट में सभी सहयोग करें।

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बीआइटी के छात्रों को उचित मार्गदर्शन के लिए हूं तैयार : शिल्पी

शिल्पी प्रधान को बीआइटी सिदरी से विशेष लगाव है। उन्होंने बताया कि बीटेक और एमटेक उन्होंने बीआइटी सिदरी से ही किया है। एमटेक पूरा करने के लिए वे हमेशा सिदरी आती रही हैं। अपने मातृ संस्थान में आकर गर्व का अनुभव कर रहे हैं। अभी मेकन रांची में कार्यरत हैं। कहा कि ऐसे छात्र जिन्हें प्लेसमेंट के लिए मदद की जरुरत है। उनको वे उचित मार्गदर्शन कर सकती है।

Edited By: Jagran