धनबाद : विधायक संजीव सिंह के खासमखास रंजय सिंह हत्याकांड में शूटर के रूप में आरोपित नंदकुमार सिंह उर्फ मामा द्वारा मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर हर्ष सिंह के खुलासे के बाद रघुकुल की बेचैनी पहले से अधिक बढ़ गई है। हर्ष सिंह पूर्व डिप्टी मेयर दिवंगत नीरज सिंह और मौजूदा डिप्टी मेयर एकलव्य सिंह का मौसेरा भाई है। ऐसे में पुलिस रघुकुल सदस्यों के खिलाफ भी अनुसंधान शुरू कर सकती है। हालांकि अभी तक पुलिस के पास हर्ष के अलावा रघुकुल के किसी सदस्य का नाम सामने नहीं आया है। परंतु रंजय हत्याकांड के चश्मदीद गवाह राजा यादव ने जो बयान पुलिस को दिया थे उसके मुताबिक घटना के दिन शूटर रघुकुल के मेन दरवाजे के बाहर खड़ा देखा गया था और उन्हीं लोगों ने रंजय की हत्या की। पुलिस राजा यादव के उस बयान को रिकार्ड किया है। पुलिस सूत्रों की मानें तो चश्मदीद राजा यादव व आरोपित मामा के बयान के सत्यापन के सिलसिले पुलिस रघुकुल सदस्यों से भी पूछताछ कर सकती है। पुलिस ने मामा के बयान पर दूसरे शूटर की भी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस घटना में प्रयुक्त बाइक को बरामद करने में जुटी है। ---- रिमांड अवधि पूरी, आज फिर से जेल जाएगा मामा रंजय सिंह हत्याकांड में आरोपित मामा के दो दिनों की पुलिस रिमांड की अवधि रविवार को पूरी हो गई। सोमवार को पुलिस मामा का मेडिकल जांच कराने के बाद पुन: उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजेगी। इससे पूर्व मामा का स्वीकारोक्ति भी पुलिस कोर्ट में सिपुर्द करेगी। --- एसपी आवास के सामने हुई थी हर्ष के पिता संजय की हत्या धनबाद : हर्ष सिंह दिवंगत कोयला कारोबारी संजय सिंह का पुत्र है। संजय सिंह की हत्या 22 वर्ष पूर्व 1996 में एसपी आवास के सामने चलती कार कर दी गई थी। 22 वर्ष बाद अब हर्ष नाम रंजय हत्याकांड में उछला है। संजय हत्याकांड में उनकेबहनोई कृष्णा सिंह के बयान पर सुरेश सिंह सहित अन्य पर मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में पुलिस की ओर से सुरेश सिंह, पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर सिंह के नाती रविशंकर सिंह उर्फ पप्पू सिंह के खिलाफ चार्जशीट दी गई था। सीआइडी ने जांच के बाद 24 फरवरी 1998 को इस मामले में पूरक चार्जशीट सौंपी थी जिसमें सुरेश सिंह और रविशंकर को क्लीनचीट दी गई थी। पूरक चार्जशीट में सीआइडी ने हत्या में झरिया विधायक संजीव सिंह के भाई राजीव रंजन सिंह, रामाधीर सिंह, पवन सिंह, काशीनाथ सिंह, विनोद सिंह और अशोक सिंह के शामिल होने की बात कही थी। संजय सिंह हत्याकांड के आरोप में रामाधीर सिंह को कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। इससे पूर्व इस मामले में पवन सिंह, काशीनाथ सिंह को न्यायालय ने 27 नवंबर 2017 को बरी कर दिया था। संजय हत्याकांड में रामाधीर सिंह के खिलाफ सीआइडी की ओर से 24 फरवरी 1998 को आरोप पत्र दाखिल किया गया था। इसमें रामाधीर सिंह के अलावा राजीव रंजन सिंह, पवन कुमार सिंह, काशीनाथ सिंह, अशोक सिंह, विनोद सिंह को षडयंत्रकारी बताया गया था। रामाधीर सिंह के खिलाफ अदालत में सात मार्च 2017 को आरोप गठन किया गया था। इस मामले में अभियोजन पक्ष द्वारा तीन गवाह सुरेंद्र कुमार जैन, संजय सिंह की पत्‍‌नी पुष्पा सिंह तथा बजरंग प्रसाद डालमिया को गवाह के रूप में पेश किया गया था।