जागरण संवाददाता, धनबाद। धनबाद में एक दिन में इतनी बारिश ने 25-26 साल पहले की याद ताजा कर दी है। गुरुवार की रात से शुक्रवार तक 226 मिलीमीटर बारिश हुई जो न तो मई और न ही जून के पूरे महीने में हुई थी। इससे पहले ऐसी बारिश साल 1995 में दिखी थी। 26 सितंबर 1995 को हुई बारिश से धनबाद में जल प्रलय जैसे हालात बने थे। उसी दिन बारिश की वजह से गजलीटांड़ खान हादसा हुआ था। उस दिन की और भी भयावह थी जिसका रिकॉर्ड 330 मिलीमीटर था। ठीक वैसी ही बारिश 29 जून की रात से 30 जून के बीच दिखी। इस बार भी बारिश ने खूब तबाही मचाई। शहर में जहां दर्जनों पेड़ गिर गए वहीं कई झोपड़ियां, पक्के मकान और यहां तक कि मंदिर इस पानी की धारा में बहकर धराशायी हो गए। छोटे नालों ने भयानक रूप ले लिया और कई जगहों पर कहर बनकर टूटी। मुहल्ले और सड़कें तालाब बन गईं। कई रिहायशी इलाकों के घरों में बारिश का पानी घुस गया।

आज दोपहर बाद मिल सकती है साइक्लोनिक बारिश से राहत

गुरुवार रात से शुरू हुई बारिश शुक्रवार को पूरे दिन के बाद रात में भी थम थम कर बरसती रही। शनिवार को भी सुबह से मौसम का मिजाज बिगड़ा रहेगा। दोपहर बाद इसमें बदलाव आने की संभावना है। मानसून के अध्ययनकर्ता डॉ. एसपी यादव के मुताबिक, शनिवार दोपहर बाद से धीरे धीरे बारिश कम होगी। मौसम में पूरी तरह बदलाव नहीं होगा। थम थम कर दो अगस्त तक बारिश जारी रहने की संभावना बनी रहेगी।

धनबाद में लगातार हुई बारिश की वजह बंगाल की खाड़ी में बना लो प्रेशर रहा। लो प्रेशर का केंद्र धनबाद होकर गुजरा जिससे यहां बारिश होती रही।

Edited By: Mritunjay