जागरण संवाददाता, धनबाद : डीए और रात्रि भत्ता को लेकर रेलवे के कर्मचारियों ने फिर आंदोलन शुरू कर दिया है। एक जुलाई से डीए प्रस्तावित है और इससे पहले कर्मचारी डीए और डीआर के बकाया एरियर के लिए दबाव बनाने लगे हैं। इसके साथ ही रात्रि भत्ता पर लगे सीलिंग को हटाने का भी फिर से दबाव शुरू हो गया है। शुक्रवार को ईस्ट सेंट्रल रेलवे इंप्लाईज यूनियन ने इन मांगों को लेकर फिर धरना-प्रदर्शन कर दिया। उनके आंदोलन में दूसरे संगठन भी जुड़ गए हैं। धरना के माध्यम से कर्मचारी अपनी मांगों को पूरी करने की कोशश कर रहे हैं। नेतृत्व कर रहे यूनियन के मंडल सचिव सुनील सिंह ने कहा कि इंडियन रेलवे इंप्लाईज फेडरेशन के दिशा-निर्देश पर कोविड प्राेटोकाल का पालन कर आंदोलन किया जा रहा है। कर्मचारियों की जायज मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिए जाने से बार-बार आंदोलन जैसी परिस्थिति बन रही है। रेल मंत्रालय को इन मुद्दों पर जल्द निर्णय लेना चाहिए। धरना में रेलवे पेंशनर्स एसोसिएशन के एमके बनर्जी, अलारसा के मंडल अध्यक्ष एसके सिंह, बबलू कुमार, उदय, राजेश, बीआर सिंह, एसपी सिंह समेत अन्य शामिल थे।

क्या हैं मांगें

- एक जनवरी 2021 के थोक एवं खुदरा मूल्य सूचकांक के आधार पर एक जुलाई से डीए और डीआर लागू करने के साथ डीए और डीआर के बकाया किस्तों का एरियर अविलंब भुगतान किया जाए।

- 43600 बेसिक पे से अधिक वेतन वाले रेल कर्मचारियों का रात्रि भत्ता पुनर्बहाल किया जाए और उसके एरियर का भुगतान किया जाए।

- न्यू पेंशन स्कीन खत्म कर पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए।

- रेलवे का निजीकरण पूरी तरह बंद किया जाए।

Edited By: Atul Singh