धनबाद, जेएनएन। लॉकडाउन में फंसे प्रवासियों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए रेलवे श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का परिचालन कर रहा है। कोराना काल में प्रवासियों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए रेलकर्मी दिन-रात काम कर रहे हैं। इस दाैरान अव्यवस्था को लेकर सवाल उठाने वाले उठाते रहते हैं। इन सबके बावजूद रेलवे अपनी गति से यात्रियों की सेवा में लगा हुआ है। समय-समय पर रेल का मानवीय चेहरा भी देखने को मिलता है। शनिवार को एक बार फिर रेलवे का मानवीय चेहरा धनबाद स्टेशन पर देखने को मिला। इससे अभिभूत रेल यात्री बोल पड़े-थैंक्यू धनबाद! थैंक्यू भारतीय रेलवे!

दरअसल, बेंगलुरू-गोरखपुर श्रमिक स्पेशल ट्रेन शनिवार सुबह धनबाद रेलवे स्टेशन पहुंची। इसके बाद रेलकर्मियों यात्रियों को लंच पैकेट देना शुरू किया। ट्रेन में ऐसे सवार लोग भी थे जिनके साथ छोटे-छोटे बच्चे थे। बेगलुरू से धनबाद तक दूध नहीं मिलने के कारण बच्चे भूख से बिलबिला रहे थे। एक दुधमुंबे बच्चे को लेकर ट्रेन के दरवाजे पर खड़े यात्री ने कहा-मेरा बच्चा भूख से बिलख रहा है। दूध कहीं मिल ही नहीं रहा। यह सुनते ही रेलकर्मी तुरंत हरकत में आ गए। दूध खरीदने के लिए स्टेशन से बाहर दाैड़े। कुछ ही देर में गर्म दूध स्टेशन पहुंच गए। अलग-अलग कोच में छोटे बच्चों को तलाश कर उनके लिए दूध के बोतल दिए गए। कुछ ही देर में ट्रेन खुलने वाली थी। तभी बच्चे को गोद में लिए एक शख्स गेट पर आया और वहां खड़े रेल कर्मचारी से कहा-थैंक्यू...। 

इनकी रही सहभागिता

स्पेशल ट्रेन में खाना और दूध पहुंचने में विकास कुमार सीआइटी इंडोर, एसएन झा सीआइटी, कुमार गौरव, रंजीत, मिथिलेश शर्मा व नीरज सिंह की सक्रिय भागीदारी रही।

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धनबाद में उतरे 67 यात्री

श्रमिक स्पेशल ट्रेन से धनबाद में भी 67 यात्रियों को उतारा गया। यहां उतारे गए यात्रियों के लिए जिला प्रशासन ने बसों का बंदोबस्त कराया था। हालांकि इसके लिए काफी इंतजार करना पड़ा। स्टेशन से प्रवासियों को गोल्फ ग्राउंड भेजा गया। इसके बाद जिलों के लिए निर्धारित बसों में बिठाकर रवाना किया गया। 

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