धनबाद : लंबे अरसे से बगैर किसी सूचना के गायब रहनेवाले पूर्व मध्य रेल के 1752 कर्मचारियों में से 800 से ज्यादा धनबाद रेल मंडल के हैं। इनके खिलाफ अब रेलवे के अनुशासन एवं अपील (डीएआर) नियम के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। रेलवे के कड़े रुख को लेकर गायब कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। इनमें ज्यादातर ग्रुप सी और डी श्रेणी के कर्मचारी हैं।

रेलवे में पटरी पर पसीना बहानेवाले कर्मचारियों के साथ-साथ ऐसे कर्मचारी भी हैं जो बगैर किसी सूचना के गायब रहते हैं। ऐसे कर्मचारियों की संख्या महकमे में सबसे अधिक पूर्व मध्य रेल में ही है। इन कर्मचारियों को चिह्नित कर निकाल बाहर करने की मुहिम चल रही है। डीएआर नियम के तहत ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

सबसे ज्यादा इंजीनिय¨रग विभाग के कर्मचारी

लगभग 24 हजार कर्मचारियोंवाले धनबाद रेल मंडल में बिना बताए गायब रहनेवाले कर्मचारियों में सबसे ज्यादा इंजीनिय¨रग विभाग के हैं। इनकी संख्या तीन सौ से भी अधिक है।

दूसरे नंबर पर मैकेनिकल विभाग

मैकेनिकल विभाग के कर्मचारी इस मामले में दूसरे पायदान पर हैं। तकरीबन डेढ़ सौ ऐसे कर्मचारी हैं जो अरसे से गायब हैं। अन्य विभागों में ऑपरेटिंग सहित अन्य शामिल हैं।

मुंह खोलने से डर रहीं रेल यूनियनें

ड्यूटी से गायब रहनेवाले कर्मचारियों के खिलाफ निष्कासन की चल रही प्रक्रिया के बाद भी रेलवे यूनियन मुंह खोलने से डर रही हैं। अब तक किसी भी यूनियनों ने इस मुद्दे पर विरोध दर्ज नहीं कराया है।

Posted By: Jagran