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धनबाद के निरसा में पागल कुत्ते का कहर, एक महीने में चार लोगों की मौत से ग्रामीणों में दहशत

By Sanjay SinghEdited By: Mritunjay Pathak
Published: Mon, 24 Aug 2026 06:27 AM (IST)

Dhanbad News: निरसा में एक माह के भीतर पागल कुत्ते के काटने से चार लोगों की मौत हो गई है, ...और पढ़ें

निरसा में पागल कुत्ते का आतंक।

निरसा में पागल कुत्ते का आतंक।

HighLights

  1. एक माह में पागल कुत्ते के काटने से चार मौतें।

  2. ग्रामीणों में रेबीज का डर, प्रशासन पर उठे सवाल।

  3. आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए प्रभावी अभियान की मांग।

संजय सिंह, निरसा (धनबाद)। झारखंड के धनबाद जिले के निरसा क्षेत्र में पागल कुत्ते के काटने से एक माह के भीतर चार लोगों की मौत के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। 17 और 18 जुलाई को विभिन्न गांवों में एक पागल कुत्ते ने दर्जनों लोगों को काटकर घायल कर दिया था। इनमें कई लोगों के चेहरे पर गंभीर जख्म हुए थे।

घायलों का एसएनएमएमसीएच में इलाज कराया गया था। पागल कुत्ते के हमले में गंभीर रूप से घायल उदयपुर निवासी 88 वर्षीय सुबा गोराई, बागान निवासी 28 वर्षीय कार्तिक गोराई, जगन्नाथडीह निवासी 75 वर्षीय द्रौपदी गोराई और कुसुमकनाली के बथानटांड़ निवासी 53 वर्षीय मोहन भंडारी की मौत हो चुकी है।

स्वजनों का आरोप है कि हालत बिगड़ने पर मरीजों को एसएनएमएमसीएच धनबाद ले जाया गया, जहां से उन्हें रिम्स रांची और बाद में आईडीएच भेजा गया। उनका कहना है कि इलाज के बाद मरीजों को घर भेज दिया गया और बाद में उनकी मौत हो गई।

मौत से पहले दिखे रेबीज जैसे लक्षण

स्वजनों के अनुसार मौत से पहले कुछ मरीजों के व्यवहार में बदलाव आया था। सुबा गोराई के भाई नवीन चंद्र गोराई ने बताया कि मृत्यु से एक दिन पहले वह पानी को कुत्ते की तरह चाटकर पी रही थीं।

कार्तिक की मां के अनुसार वह काफी बेचैन था और उसके मुंह से लगातार लार गिर रही थी। मोहन भंडारी के पुत्र गोरांगो ने बताया कि उनके पिता पानी और हवा से डर रहे थे तथा पानी देखते ही बेचैन हो जाते थे।

कई अन्य ग्रामीण भी हुए घायल

पागल कुत्ते ने रांगामाटी निवासी कुरेशा बीवी, अआहीर अंसारी एवं कालीचरण मलिक, ढांगासाल के पिंटू सिंह, बरडांग निवासी कमल रोहिदास, दयामय कुंभकार, बगान निवासी अमल गोराई, उदयपुर निवासी शिबू गोराई, आनंद गोराई, बलराम गोराई, भालखुरिया निवासी चपला देवी, आरती गोराई, सिंदरी कालोनी निवासी रामदेव भुइयां व रतन हाड़ी को जख्मी कर दिया था।

इसमें चपल देवी एवं अमल गोराई के चेहरे पर पागल कुत्ते ने काटा था। सभी लोगों ने रेबीज का डोज लिया है। वही गंभीर रूप से जख्मी लोगों ने एसएनएमएमसीएच में इलाज कराया था। जहां चिकित्सकों ने मरीज को रेबीज के साथ-साथ इम्यूनोग्लोबुलिन का डोज भी दिया था। सभी मरीज अपने-अपने घर में हैं।

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इधर ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से घायलों की स्थिति की निगरानी करने तथा प्रशासन से आवारा और संक्रमित कुत्तों को पकड़ने के लिए प्रभावी अभियान चलाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो स्थिति गंभीर हो सकती है।

पोस्टमार्टम नहीं होने से स्थिति स्पष्ट नहीं

एक चिकित्सक के अनुसार रेबीज की पुष्टि के लिए विभिन्न चिकित्सकीय जांचों के साथ पोस्टमार्टम भी मददगार हो सकता है। चिकित्सक ने बताया कि निरसा में मृत लोगों का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया। ऐसे में मौत का कारण रेबीज था या कोई अन्य वजह, इसकी स्पष्ट पुष्टि नहीं हो सकी है।

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