सिंदरी, जेएनएन। हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (HURL) की सिंदरी इकाई का शिलान्यास 25 मई 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। इसके बाद से कारखाना निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। लेकिन, इसी के साथ कारखाना में रोजगार के सवाल पर राजनीति भी तेजी से हो रही है। वह भी तब जब कारखाना का निर्माण पूरा नहीं हुआ ह।

स्थानीय ग्रामीणों को हर्ल कंपनी में रोजगार, शिक्षा, चिकित्सा सहित पांच सूत्री मांगों को लेकर हर्ल के मुख्य द्वार पर शुरु किया गया मासस का बेमियादी धरना आंदोलन टकराव की ओर बढ़ रहा है। आंदोलन के 11वें दिन शनिवार को मासस ने धरना-प्रदर्शन को क्रमिक अनशन में तब्दील कर दिया। निरसा के मासस विधायक अरुप चटर्जी ने धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारियों का समर्थन करते हुए कहा कि मांगों का जल्द निराकरण नहीं होने पर मासस उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी। बाहर से काम करने आए मजदूरों को भागना होगा। मासस नेता बबलू महतो ने कहा कि यदि प्रबंधन ने नहीं माना तो 25 सितंबर से हर्ल कंपनी का चक्काजाम किया जाएगा। कहा कि हर्ल के प्लांट निर्माण में कितने स्थानीय लोगों को काम मिला है। प्रबंधन इस पर बोलने से चुप्पी साध रखी है।

मासस के जिला सचिव निताई महतो ने माला पहनाकर मासस के नगर अध्यक्ष अशोक महतो, वीर ङ्क्षसह, राजू बाउरी, सुदर्शन होरो और त्रिलोचन को क्रमिक अनशन पर बैठाया। मौके पर छोटन चटर्जी, सुरेश प्रसाद, नृपेंद्र कुमार झा, राजीव मुखर्जी, भानु रजक, मंगल महतो, रोहित महतो, अजीत मंडल, मधु दास थे।

Posted By: Mritunjay

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