धनबाद, जेएनएन। 23 दिसंबर को धनबाद जिले के तेतुलमारी में करीब पांच बजे भोर में ईंट-भट्टा मजदूरों द्वारा शोर मचाए जाने के बाद हत्यारे अधजली लाश को छोड़ भागे थे। 90 फीसद तक जल चुकी लाश युवती की थी लेकिन पीएमसीएच के डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम के बाद जो रिपोर्ट दी उससे गुत्थी सुलझने के बजाय और उलझ गई है। पुलिस जिसे महिला का शव बता रही थी उस पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट माैन हो गई। शव के जिस हिस्से से महिला या पुरूष की पहचान हो सकती थी वह पूरी तरह जल चुकी थी। ऐसे में हड्डियों की जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट ही राज खोल सकता था। इन रिपोर्टों के आने से फहले ही एक सप्ताह की तफ्तीश के बाद पुलिस ने अधजली लाश का राज खोल दिया है। वह लाश निरसा की युवती की थी। यह मामला ऑनर किलिंग का निकला है। 

भाई-भाभी ने मिलकर किया रिश्ते का खूनः वह दिव्यांग थी। वॉकर के सहारे चलती थी। मनीषा का अपराध यही था कि उसने दूसरे धर्म को मानने वाले नसीम से प्यार किया था। भाई सौरभ गांधी के दिमाग में यह बात भी थी कि मनीषा मर गई तो सारी पैतृक संपत्ति उसके नाम हो जाएगी। पुलिस ने खून के रिश्ते के खून से जुड़े मसले का खुलासा कर दिया है। मनीषा की हत्या में उसके भाई के साथ भाभी सुष्मिता कुमारी भी शामिल थे। पुलिस ने दोनों को जेल भेज दिया।

तेतुलमारी के खेपचाटांड में मिली थी अधजली लाशः 23 दिसंबर को तेतुलमारी के खेपचाटांड तुरिया में सड़क के किनारे एक इंसान को कुछ लोगों को जलाते देखा गया था। जिंदा इंसान को जलाया अथवा मृत? किसी को कुछ पता नहीं था। लाश इतनी जल गई थी कि यह जानना भी मुश्किल था कि यह पुरुष है अथवा महिला। लाश को जलाने के दौरान नजदीक के ईंट भट्ठा में काम करने वाले कुछ लोग उठ गए थे। इस कारण लाश जला रहे लोग कार से भाग गए थे। पुलिस ने पहले तेतुलमारी के आसपास के गांवों के गुमशुदा लोगों के बारे में जानकारी जुटाई। कोई सुराग नहीं मिला तो पूरे धनबाद जिला के गुमशुदा लोगों की सूची खोजी गई। अचानक पुलिस के कान तब खड़े हो गए जब नसीम ने पुलिस में शिकायत की कि उसकी प्रेमिका मनीषा गायब है। छानबीन शुरु हुई तो धीरे धीरे मनीषा के मर्डर के सारे परिस्थिति जन्य सबूत मिलते गए।

पुलिस के लिए यह मामला बेहद जटिल थाः एसपी कार्यालय में शनिवार को संवाददाता सम्मेलन में ग्र्रामीण एसपी अमन कुमार ने कहा कि शुरुआत में यह मसला बेहद जटिल था। मगर एक बार सूत्र मिल गए तो कत्ल के सारे राज खुल गए। मनीषा का भाई-भाभी से हमेशा झगड़ा होता था। झगड़े का मुख्य कारण नसीम से मनीषा की नजदीकी थी। 22 दिसंबर की दोपहर झगड़ा के दौरान भाई ने मनीषा के सर पर कलछुल से प्रहार किया था। वह मर गई तो अगले दिन सुबह स्विफ्ट कार की डिक्की में लाश को डाल कर तेतुलमारी लाया गया। वह सड़क के किनारे लाश फेंक दी गई। उस पर पेट्रोल डाल कर आग लगाई गई। कुछ लोगों ने देख लिया तो पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने पानी में डाल कर लाश को बुझाया था। 

Posted By: mritunjay

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