धनबाद : अपनी सरकार के चार वर्ष का कार्यकाल पूरे होने की पूर्व संध्या पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को धनबाद की धरती से देश की जनता और समूचे विपक्ष को अपने काम-काज का हिसाब दिया। सिंदरी में 7000 करोड़ की लागत से बनने जा रहे खाद कारखाना का शिलान्यास करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान धनबाद में कहा था कि बंद खाद कारखाना चालू करेंगे। समर्थन का बदला विकास करके ब्याज के साथ चुकाऊंगा। 16 साल सिंदरी खाद कारखाना बंद रहा है। मुझे सिंदरी में यूरिया कारखाना फिर से आरंभ करने का अवसर मिला। मोदी ने सिंदरी से बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश को भी अपने काम का हिसाब दिया। बरौनी में बंद पड़े खाद कारखाना के स्थान पर जल्द ही नया कारखाना आरंभ करने की घोषणा करते हुए कहा कि इसी तरह के कारखाना का निर्माण पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में आरंभ हो चुका है। इससे पूर्वी भारत में यूरिया की कमी दूर होगी। पूर्वी भारत में दूसरी हरित क्रांति लाने में खाद कारखाने बड़ा सहायक सिद्ध होंगे।

केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद से ही समूचा विपक्ष एकजुट होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमलावर है। विपक्ष मोदी से कामकाज का हिसाब मांगता है। प्रधानमंत्री का अब तक जवाब होता था-2019 में जब लोकसभा का चुनाव होगा तो वह पाई-पाई का हिसाब देंगे। मोदी जब मिशन-2019 को पूरा करने के लिए चुनावी मोड में आ चुके हैं, शुक्रवार बलियापुर हवाईपंट्टी पर 27000 करोड़ की योजनाओं का ऑनलाइन शिलान्यास करते हुए अपने काम का हिसाब भी दिया। कहा, चुनाव के समय झारखंड आया था तो विकास के लिए डबल इंजन की मांग की थी। एक दिल्ली वाला और एक रांची वाला। चार साल में आपने देख लिया कि दोनों सरकारें सबका साथ-सबका विकास के मंत्र के साथ कैसे आगे बढ़ती हैं। समर्थन का बदला ब्याज के साथ लौटाने का वादा किया था और लौटा दिया। यह सुन कार्यक्रम स्थल पर एक लाख से ज्यादा जुटी भीड़ ने जोरदार ताली के साथ मोदी की हौसलाअफजाई की। सिंदरी खाद कारखाना, देवघर में एम्स व एयरपोर्ट, पतरातू थर्मल पावर स्टेशन और सिटी गैस पाइप लाइन वितरण योजना आरंभ का जो कदम उठाया है उससे साफ है कि झारखंड के विकास के प्रति दिल्ली सरकार कितनी प्रतिबद्ध है। 27000 करोड़ की योजना शुरू हो रही है। यह राज्य के बजट से बड़ी राशि से है। अपना इरादा नेक बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कौन क्या कह रहा है इसकी परवाह नहीं। भलाई का काम कर रहे हैं या नहीं, इसका एक ही मानदंड है जनसमर्थन। पिछले दिनों ने झारखंड की जनता ने स्थानीय निकाय चुनाव में अपार जनसमर्थन दिया। यह समर्थन दिल्ली और राज्य सरकार के कार्यो के प्रति है।

बिजली के सवाल पर प्रधानमंत्री ने समूचे विपक्ष को लपेटा और चुनौती दी। उन्होंने कहा कि देश के 18000 गांव ऐसे थे जहां सदियों से जिंदगी अंधेरे में थी। इन हजारों गांवों में रोशनी देने का बीड़ा हमने उठाया। मुझे खुशी है कि 18000 गांवों में बिजली पहुंच गई है। आजादी के बाद किसी को फुर्सत नहीं थी कि गांव में जाकर देखे कितने में बिजली पहुंची है। हमने बीड़ा उठाया तो लोग जाकर गांव में देख रहे हैं कि मोदी झूठ बोल रहा है या सही? लोग गांवों में धूल चाट रहे हैं। यह मेरे लिए बड़ी खुशी की बात है। उन्होंने कहा कि देश के 4 करोड़ से ज्यादा घरों में 70 साल बाद भी बिजली की तार नहीं पहुंची है और लोग बल्ब नहीं देखे हैं। इन लोगों के घरों की मोदी ने बिजली नहीं काटी है। यह उन्हीं लोगों का पाप जो सवाल पूछ रहे हैं हमने तो बिजली पहुंचाने की जिम्मेवारी उठाई है। जिन घरों में बिजली नहीं पहुंची है पहुंचा कर दम लेंगे। विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन 18000 गांवों बिजली पहुंचाई है उनमें कौन सा अमीर रहता है।

यूरिया संकट दूर करने का दावा करते हुए मोदी ने देश के किसानों को भी साधने का काम किया। कहा, हमने 70 प्रतिशत यूरिया नीमकोटेड कर दिया। चोरी रुक गई। पहले चोरी-चोरी यूरिया अमीरों के कारखाने में जाता था। नतीजा दो साल से देश में यूरिया की कमी की आवाज नहीं उठती है।

600 करोड़ की लागत से सिटी पाइप लाइन गैस वितरण योजना रांची के शिलान्यास के बहाने ने मोदी ने धनबाद से प. बंगाल, ओडिसा, बिहार और उत्तर प्रदेश के 70 जिलों को साधने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि पाइप पाइन से रसोई घरों में गैस पहुंचेगी। अंत में मोदी ने भारत की आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर 2022 के नए भारत का भी सपना दिखाया। कहा, आजादी के 75 वें साल में कोई गरीब न हो। यह सपना लेकर चल रहे हैं। 2022 तक हर गरीब को घर देने का सपना पूरा करना है। ईमानदारी से जीने और ईमानदारी से जूझने वालों की सरकार है।

Posted By: Jagran

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