धनबाद, जेएनएन। मैं ऐसी नहीं थी इन्हीं लोगों ने मेरे साथ हैवानियत कि मुझे कहीं का नहीं छोड़ा। परितोष ने मुझे कहा था कि वह उसे अच्छा काम दिला देगा। उससे शादी करने की भी बात कही थी और धनबाद लाकर उसने अपने दोस्तों के साथ मेरे साथ दुराचार किया। मुझे जान से मारने में कोई  कोर कसर नहीं छोड़ी।

बरवाअड्डा सामूहिक दुष्कर्म की मंगलवार को धनबाद कोर्ट में सुनवाई के दाैरान पीडि़ता ने बयान देते हुए अपनी आपबीती बताई। उसने कोर्ट मे खड़े आरोपीयों को नजदीक  से जाकर देखा और कहा की इन्ही लोगों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। हलांकी आरोपीतों का सही नाम पीडि़त नही बता सकी । बचाव पक्ष के अधिवक्ता शाहनवाज,देवीशरण सिन्हा व विकास भुवानिया द्वारा प्रतिपरिक्षण के दौरान सवाल पूछे जाने पर पीडि़त के आंखों से कई बार आंसू छलके परंतु उसने खुद को संभाला और सवालों का जबाब देती रही।

कड़ी सुरक्षा मे सैट के जवान लेकर आये थे पीडि़त कोः अदालत में गवाही दिलाने के लिए रांची से सैट के जवान व महिला पुलिस अधिकारी पीडि़त को लेकर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में धनबाद कोर्ट पहुंचे थे। जहां लोक अभियोजक ओम प्रकाश तिवारी ने पीडि़ता का बयान अदालत में दर्ज कराया।

बताया जान को खतरा मांगी सुरक्षाः पीडि़त का बयान दर्ज होने के बाद पीडि़त के भाई व कांड के सूचक ने कोर्ट में आवेदन दायर कर सुरक्षा की गुहार लगाई। कोर्ट को दिये आवेदन में कहा कि आरोपी और उसके लोग मुकदमा उठाने का दवाब दे रहे हैं। उन्हें जान मारने की धमकी दी जा रही है। उन्हें और उनके परिवार को जान का खतरा है इसलिए उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई जाए। पीडि़त पक्ष के आवेदन पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रिजवान अहमद की अदालत ने डीएसपी  व कांड के अनुसंधानक को पीडि़त और उसके परिवार को सुरक्षा मुहैया कराने का आदेश दिया है।

दुष्कर्म कर जख्मी हालत मे फेंक दिया था जंगल मेः बरवड्डा थाना क्षेत्र पंडुकी गांव मे  24 सितंबर 2018 की रात चार युवकों ने इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया था। पीडि़ता के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने के बाद आरोपियों ने उसकी हत्या करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी थी। उसके शरीर के हर हिस्से मे गहरे जख्म थे उसे मरा समझकर झाड़ी में फेंक दिया गया था पीडि़त को जख्मी हालत में पीएमसीएच के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। घटना के दो दिन बाद 26 सितंबर 2018 को पीडि़त के परिजन पीएमसीएच पहुंचे थे। पीडि़त की गंभीर स्थिति को देखते हुए पीएमसीएच के चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए रिम्स रांची रेफर कर दिया था। पीडि़त के भाई के शिकायत पर थाने में बरवाड्डा  निवासी परितोष पांडे  व अज्ञात के विरूद्ध  बरवड्डा थाने मे दुष्कर्म, व हरिजन उत्पीडऩ की प्राथमिकी दर्ज की गई थी। घटना के तिसरे दिन पुलिस ने आरोपीयों को गिरफ्तार कर लिया था । अनुसंधान के बाद 25 नवंबर 18 को पुलिस ने पंडुकीटोला पांडेडीह बरवड्डा निवासी परितोष पांडे, गुड्डु कुमार, कुंदन हाजरा एवं मंझलाडीह निवासी प्रकाश हजरा के विरुद्ध आरोप पत्र दायर किया था। 5 मार्च 19 को आरोप तय होने के बाद सुनवाई शुरू हुई थी। लोक अभियोजक ने बताया की मामले  का स्पीडी ट्रायल किया जा रहा है। 

दो माह बाद हुआ था बयानः पीडि़त की हालत काफी नाजुक थी लिहाजा पुलिस ने उसके स्वस्थ होने के बाद 22 नवंबर 18 को धारा 164 के तहत पीडि़ता का बयान दर्ज कराने की प्रार्थना अदालत से की थी। प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी रित्विका सिंह की अदालत के समक्ष दिए बयान में पीडि़ता ने कहा था कि परितोष उसे अच्छा काम दिलाने की बात कह 22 नवंबर को रांची से धनबाद लाया था रात मे सुनसान जगह ले गया जहां पहले से उसके तीन साथी थे। परितोष ने उसके साथ मारपीट की जातिसूचक शब्द कह गाली गलौज किया। आरोपियों ने उसके साथ दुष्कर्म किया  सभी उसकी हत्या की बात करने लगे परितोष भारी चीज से उसके सर पर मारा वह बेहोश हो गई थी।  उसके शरीर को गांजे से दाग दिया था वह दाग आज भी उसके शरीर पर है।

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