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Jharkhand: कोरोना काल में मंझदार में दुमका की जनता, खेवनहार बनेंगे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन; जानिए

सरकार ने अपने संकल्प में 81 चुने हुए एवं एक मनोनीत विधायक की अनुशंसा पर उनके विधानसभा क्षेत्र के जरूरतमंद लोगों के खाते में निर्धारित राशि देने का निर्णय लिया है।

By MritunjayEdited By: Published: Wed, 22 Apr 2020 10:22 AM (IST)Updated: Wed, 22 Apr 2020 10:22 AM (IST)
Jharkhand: कोरोना काल में मंझदार में दुमका की जनता, खेवनहार बनेंगे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन; जानिए
Jharkhand: कोरोना काल में मंझदार में दुमका की जनता, खेवनहार बनेंगे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन; जानिए

दुमका [ आरसी सिन्हा ]। आपदा की इस घड़ी में दो वक्त की रोटी सबको मिले, इसके लिए सूबे की सरकार ने कई इंतजाम किए हैं। कार्डधारी हों या बिना राशन कार्डधारी। सरकार सबको खाद्यान्न दे रही है।  इसके साथ ही सरकार ने संकल्प लिया है कि उन गरीबों को आर्थिक मदद दी जाएगी जिन्हें जीविकोपार्जन में दिक्कतें हो रही हैं। इसके लिए विधायक की अनुशंसा अहम होगी। अब दुमका में बड़ा प्रश्न ये है कि यहां अनुशंसा कौन करेगा। दुमका विधानसभा क्षेत्र से सूबे के मुखिया हेमंत सोरेन विजयी हुए थे। बाद में दुमका सीट को सूबे के मुख्यमंत्री ने छोड़ दिया था।  

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दरअसल ऐसे बेहद गरीब लोग जो राज्य के अंदर हैं, उनको एक हजार और सूबे से बाहर फंसे लोगों को लॉकडाउन के दौरान एक दफा दो हजार रुपये देने की व्यवस्था की गई है। यह रकम उनके खाते में भेजी जाएगी। विधायक मद से यह राशि दी जाएगी। अब दुमका के मामले में बड़ा सवाल उठ गया है। इस संकल्प में विधायकों की अनुशंसा को अनिवार्य किया गया है। 81 विधानसभा वाले झारखंड की हाईप्रोफाइल सीट दुमका आज रिक्त है। इस सीट को सीएम ने छोड़ दिया है। कोई नहीं जानता था कि कोरोना के कारण यहां का उपचुनाव टल जाएगा। मई तक इस सीट पर चुनाव हो जाना था। अब सवाल है कि यहां के लाचार व मजबूरों का रहनुमा कौन होगा। कौन यहां के गरीबों की अनुशंसा करेगा। फिलहाल तक सरकार का इस पर सीधा निर्णय भी नहीं आया है।  
 

यह है सरकार का संकल्प 

सरकार ने अपने संकल्प में 81 चुने हुए एवं एक मनोनीत विधायक की अनुशंसा पर उनके विधानसभा क्षेत्र के जरूरतमंद लोगों के खाते में निर्धारित राशि देने का निर्णय लिया है। शर्त है कि इन लाभुकों की सूची पर विधायक की अनुशंसा होगी। उसके बाद ही डीडीसी संबंधित लाभुक के खाते में डीबीटी के माध्यम से राशि भेजेंगे। जाहिर दुमका के प्रवासी मजदूरों और सरकारी की योजना के बीच तकनीकी बाधा खड़ी हो गई है। इस मामले में सरकार को अपने संकल्प में संशोधन करना होगा तभी दुमका की जनता को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन चाहे तो यह संभव नहीं है। 
 
 
मुख्यमंत्री दुमका विधानसभा के लिए वैकल्पिक इंतजाम करेंगे। यहां रह रहे या बाहर फंसे जरूरतमंद चिंतित न हों कि उनकी मदद कैसे होगी। 
-विजय कुमार सिंह, केंद्रीय महासचिव झामुमो। 
 
संबंधित विधानसभा के विधायक की अनुशंसा पर डीबीटी के माध्यम से सूचीबद्ध लोगों के खाते में राशि भेजी जाएगी। दुमका विधायक फंड के विकल्प के लिए सरकार से मार्गदर्शन मांगा गया है। वहां से निर्देश मिलते ही आगे की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। 
-राजेश्वरी बी, उपायुक्त, दुमका 

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