धनबाद, जेएनएन। रेलवे लाख कहे पर सच्चाई यही है कि सारे दावे बेपटरी हो रहे हैं। ताजा उदाहरण मंगलवार का है। दो श्रमिक स्पेशल ट्रेनें एकाएक धनबाद आ गईं। इनमें एक जयपुर से गौहाटी जानेवाली ट्रेन थी। दूसरी गुड़गांव से ओडिशा के बालासोर जानेवाली थी। गुड़गांव से बालासोर जा रही श्रमिक स्पेशल ट्रेन को गोमो होकर बालासोर जाना था। पर अचानक इसका रुट बदल गया। ट्रेन गोमो से धनबाद आ गयी। ट्रेन में मार्ग बदलने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि रेलवे का  दावा है कि झारखंड के 322 लोग उस ट्रेन पर सवार थे। इसी वजह से ट्रेन को डाइवर्ट किया गया। धनबाद में यात्रियों को उतारने के बाद वाया आसनसोल, आद्रा होकर बालासोर के लिए ट्रेन रवाना कर दी गई। 

अचानक मिली दोनों ट्रेनों की खबर, न खाना न पानी

श्रमिक स्पेशल ट्रेन आने की खबर पहले से न तो रेलवे को थी और ना ही जिला प्रशासन को। लिहाजा पूरी व्यवस्था ध्वस्त हो गई। सोमवार को मेरठ से आए यात्रियों ने खाना नहीं मिलने की शिकायत की थी। मंगलवार को गुड़गांव से आए यात्रियों को खाना मिलना तो दूर पानी भी नहीं पूछा गया। एकाएक ट्रेन आने की खबर जिला प्रशासन को नहीं थी। इस वजह से लंच पैकेट और पानी के बोतलों का बंदोबस्त नहीं किया गया था। ट्रेन से बाहर आए लोगों को बसों के लिए भी घंटों इंतजार करना पड़ा। पूर्व सूचना नहीं होने की वजह से बसें भी स्टेशन नहीं पहुंची थी। फिर एक-एक कर बसें स्टेशन पहुंची और लोगों को गोल्फ ग्राउंड भेजने की प्रक्रिया शुरू हुई। स्टेशन पर तैनात कर्मियों ने बताया गुड़गांव से आने वाली ट्रेन के गोमो पहुंचने पर उन्हें एकाएक खबर मिली कि धनबाद में श्रमिक स्पेशल ट्रेन रुकेगी और यहां यात्रियों को उतारा जाएगा।

गुड़गांव से बालासोर का टिकट दिया और ट्रेन में चढ़ा दिया

धनबाद में उतरे यात्रियों ने बताया कि उन्हें गुड़गांव से ओडिशा के बालासोर का टिकट देकर श्रमिक स्पेशल ट्रेन में चढ़ा दिया गया और एकाएक ट्रेन गोमो  से घुम कर धनबाद में रुक गई। ओडिशा के रहने वाले किशोर ने बताया कि उसका 15 लोगों का ग्रुप है। उसे बताया गया था कि ट्रेन बालासोर तक जाएगी। पर धनबाद में ही उतार दिया गया।

यात्रियों ने कहा, सुबह से पानी तक नहीं मिला

गुड़गांव से आये यात्रियों ने बताया कि सुबह से उन्हें पानी तक नहीं मिला है। उम्मीद थी कि धनबाद स्टेशन पर पहुंचने पर उन्हें पानी और लंच पैकेट मिलेगा पर यहां भी कोई बंदोबस्त नहीं था। दुमका  की लवली, गोड्डा की श्रीमती बास्की, पाकुड़ के पाहुल मरांडी ने रेलवे की व्यवस्था पर सवाल उठाया। पलामू के श्रीराम का कहना था कि उनके साथ दूध मुहा बच्चा भी है। इसके बाद भी ट्रेन में पीने का पानी तक नहीं मिला।

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