जागरण संवाददाता, धनबाद : धनबाद-चंद्रपुरा रेल लाइन के कुसुंडा स्टेशन पर यात्री ट्रेनें और मालगाड़ियां उंगलियों के इशारे पर चलेंगी। प्री-नॉन इंटरलॉकिग का काम पूरा होने के साथ ही शनिवार से इंटरलॉकिग शुरू हो गई। इंटरलॉकिग पूरा होते ही अब 52 साल पुराने सिग्नलिग सिस्टम का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। यांत्रिक सिग्नल प्रणाली हटाकर पैनल इंटरलॉकिग से ट्रेनें चलेंगी। इससे अब तीन केबिन में अलग-अलग कर्मचारियों की आवश्यकता नहीं होगी। रिले रूम में बैठकर ट्रेनों को सिग्नल दिया जा सकेगा। शनिवार को कुसुंडा पहुंचे डीआरएम आशीष बंसल ने अब तक हुए कार्य प्रगति की समीक्षा की। सिग्नल एंड टेलिकॉम समेत ऑपरेटिग और टीआरडी विभाग के कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। कुसुंडा में चल रहे इंटरलॉकिग के कारण इस रूट पर दिन में चलने वाली धनबाद-अलेप्पी, शक्तिपुंज समेत दिन की सभी ट्रेनों को कतरास के बजाय गोमो रूट से चलाया जा रहा है। 16 मार्च के बाद सभी ट्रेनें पुराने रूट पर लौटेंगी। इस मौके पर एडीआरएम आशीष झा, सीनियर डीएसटीई अजीत कुमार समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। कोयंबटूर नहीं जाएगी धनबाद-अलेप्पी एक्सप्रेस :

धनबाद : रेलवे ट्रैक के आधुनिकीकरण के कारण पूर्व तटीय रेल ने धनबाद-अलेप्पी एक्सप्रेस के रूट में परिवर्तन किया है। शनिवार को खुली अलेप्पी एक्सप्रेस कोयंबटूर होकर नहीं जाएगी। 15 को भी बदले रूट से ही चलेगी। वापसी में अलेप्पी से धनबाद लौटने वाली ट्रेन भी 15 और 17 मार्च को कोयंबटूर होकर नहीं चलेगी। दोनों ओर से इस ट्रेन को ईरुगुर और पोडानूर स्टेशन होकर चलाया जाएगा।

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