बलियापुर, जेएनएन। रखितपुर प्राथमिक विद्यालय के पारा शिक्षक निवासी दरबारी अंसारी की शुक्रवार को मौत हो गई। वह किडनी की बीमारी का मरीज था। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं रहने के कारण बीमारी का इलाज ठीक से नहीं करा पा रहा रहा था। अंततः इलाज के अभाव में दरबारी की माैत हो गई।

किडनी का इलाज के लिए दरबारी कई बार वेल्लोर भी गया। लेकिन, इलाज में सबसे बड़ी बाधा आर्थिक परेशानी बन गई। उसे चार माह से मानदेय नहीं मिला था। वह दवा भी नहीं खरीद पा रहा था। पारा शिक्षक संघ ने दरबारी की मौत पर दुख व्यक्त कर मृतक परिवार के आश्रित को मुआवजा व नियोजन देने की मांग राज्य सरकार से की है। शिक्षक की पत्नी समाजिद बीबी, तीन पुत्री व दो पुत्र रो रोकर बेहाल हुए। दोपहर बाद रखिपुर कब्रिस्तान में उनकी मिट्टी मंजिल की गई। प्रो. एआर अंसारी, आनंद स्वर्णकार, उत्पल चौबे, ओमप्रकाश दास, शकील अंसारी, शेख कलीम आदि थे।

झारखंड विकास मोर्चा के केंद्रीय महासचिव रमेश कुमार राही ने पारा शिक्षक की माैत पर राज्य की रघुवर सरकार पर निशाना साधा है। कहा है, सरकार समय पर पारा शिक्षकों को वेतन-मानदेय भी नहीं दे पा रही है। उन्होंने कहा है कि दरबारी की माैत के लिए भाजपा सरकार भी जिम्मेदार है।

Posted By: Mritunjay

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