झरिया, जेएनएन। झरिया विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह की पत्नी पूर्णिमा सिंह की दावेदारी से पार्टी में रार छिड़ गई है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य संतोष सिंह ने नीरज सिंह के माैसेरे भाई हर्ष सिंह का बगैर नाम लिए हमला बोला है। कहा है-आगामी विधानसभा चुनाव झरिया की दशा व दिशा को तय करेगा। झरिया ने बड़े-बड़े माफियाओं पर नकेल कसने का काम किया है। एक नया सूरमा भोपाली ने जन्म लिया है। समय पर उसे राजनीतिक रूप से औकात बताने का काम काम करेंगे। हर्ष सिंह अपने माैसेरे भाई पूर्णिमा सिंह को टिकट दिलाने और झरिया विधानसभा क्षेत्र में चुनाव अभियान के लिए जोर लगाए हुए हैं।

संतोष ने बुधवार की शाम झरिया के टैक्सी स्टैंड चार नंबर में माफिया के खिलाफ आयोजित कांग्रेस की जनक्रोश सभा में पूर्णिमा सिंह के परिवार के लोगों पर जमकर हमला किया। कहा, झरिया की जनता सिंह मैैंशन (झरिया के भाजपा विधायक संजीव सिंह का घर व रघुकुल (पूर्णिमा सिंह का घर) के चंगुल से मुक्ति चाहती है। उन्होंने कहा कि अब झरिया में लड़ाई कांग्रेस और माफिया की होगी। यहां के लोग बाडीगार्ड व रायफल के साये में चलनेवालों से उब चुके हैं। एक परिवार को विधायक और दूसरे को डिप्टी मेयर बनाकर यहां के लोगों ने भूल की। हम माफिया राज को उखाड़ फेंकेंगे। मेरे शरीर में जबतक खून का कतरा है। माफियाओं से लड़ते रहेंगे। अब यहां के माफिया विधानसभा नहीं जेल जाएंगे।

झारखंड प्रदेश कांग्रेस के प्रतिनिधि शमशेर आलम ने कहा कि अब समय आ गया है कि झरिया को उजाडऩेवाली सरकार व यहां के माफिया परिवार को लोग सबक सिखाएं। माफिया रंगदार बनकर आउटसोर्सिंग चला रहा है। झरिया खतरे में है। धनबाद में रहनेवाले झरिया की रक्षा नहीं कर सकते हैं। एक ही घराना के परिवार झरिया को लूटने में लगे हैं। मुंबई कांग्रेस के नेता सिकंदर आजम ने कहा कि झरिया के लोगों में काफी गुस्सा है। यह देख रहे हैं। देश को रोशन करनेवाले झरिया के लोग प्रदूषण, बिजली, पानी की समस्या से परेशान हैं। सरकारी राशि की लूट मची है। आप वैसे जनप्रतिनिधि को चुनें जो आपकी समस्या का समाधान कर सके। अध्यक्षता कांग्रेस के बाबू अंसारी, संचालन पिंटू तूरी व धन्यवाद सूरज वर्मा ने दिया। सभा में इरफान खान चौधरी, अशोक मालाकार, मुश्ताक खान, वीरेंद्र गुप्ता, राजेंद्र साव, जीतेंद्र मालाकार, पप्पू आदि थे।  

धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह 2014 के विधानसभा चुनाव से पूर्व कांग्रेस में शामिल होकर झरिया से टिकट लिया था। हालांकि चुनाव में नीरज सिंह को हार मिली। इसके कुछ दिनों बाद उनकी हत्या कर दी गई। हत्या में झरिया के विधायक और नीरज सिंह के चचेरे भाई संजीव सिंह का नाम आया। इस मामले में संजीव फिलहाल जेेल में बंद हैं। अब नीरज सिंह की पत्नी कांग्रेस के टिकट पर झरिया विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ना चाहती है। इसे झरिया से कांग्रेस के टिकट के दो दावेदार संतोष सिंह और शमशेर आलम पचा नहीं पा रहे हैं। इन लोगों ने सिंह मैंशन और रघुकुल को माफिया करार देते हुए अभियान छेड़ रखा है।

Posted By: Mritunjay

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